‘अंधेरे में रखा…’, बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस का खोल दिया काला चिट्ठा, लगाए गंभीर आरोप


बांग्लादेश में सरकार बदलते ही एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ है. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राजनीतिक भूचाल ला देने वाली बातें कही हैं. उन्होंने पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर दरकिनार करने का आरोप लगाया. शहाबुद्दीन ने कहा कि यूनुस ने कई बार संवैधानिक परंपराओं का उल्लंघन किया और करीब डेढ़ सालों तक देश के कई अहम फैसलों से दूर रखा.

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने बांग्लादेशी अखबार ‘कालेर कंठो’ को इंटरव्यू दिया. उन्होंने इस दौरान कहा, ‘अंतरिम सरकार के समय में कई ऐसे अध्यादेश जारी हुए, जिनकी किसी तरह की जरूरत नहीं थी. मुझसे इनको लेकर किसी तरह की चर्चा भी नहीं की गई.’ उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक नियमों के तहत मुख्य सलाहकार को किसी भी विदेश यात्रा के बाद राष्ट्रपति को जानकारी देनी होती है, लेकिन यूनुस ने ऐसा नहीं किया. राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि यूनुस ने करीब 15 विदेश यात्राएं की, लेकिन कुछ नहीं बताया.

‘मुझे अंधेरे में रखा’ – शहाबुद्दीन

शहाबुद्दीन ने कहा कि बांग्लादेश और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई. यूनुस ने राष्ट्रपति के संवैधानिक दायित्व को दरकिनार कर दिया. उन्होंने यह भी दावा किया यूनुस ने उन्हें अंधेरे में रखने की कोशिश की और देश से जुड़े हर फैसले को दूर रखा. 

तो क्या शहाबुद्दीन के खिलाफ साजिश रह थे यूनुस

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के दावों के बाद ढाका की राजनीति में हलचल बढ़ सकती है. उनके दावों को मानें तो यूनुस ने संविधान के नियमों का पालन नहीं किया और साजिश रचने की कोशिश की. शहाबुद्दीन ने कहा कि यूनुस ने राष्ट्रपति की गरिमा को ठेस तो पहुंचाई ही, इसके साथ ही पहचान को भी कमजोर करने की कोशिश की. यह भी दावा किया है कि विदेशों में बांग्लादेशी दूतावासों से उनकी फोटो तक हटा दी गई.

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