चेन्नई में सोमवार (25 नवंबर) को आयोजित एबीपी सदर्न राइजिंग समिट में तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि कोयंबटूर मेट्रो को लेकर राज्य सरकार लगातार काम कर रही है और जो कुछ भी कहा जा रहा है, वह कोई उपलब्धि नहीं बल्कि हमारी जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अपेक्षाओं के अनुसार हम अपना काम कर रहे हैं. उन्होंने एबीपी नेटवर्क को दोबारा आमंत्रण देने के लिए धन्यवाद भी दिया.
कार्यक्रम के दौरान उदयनिधि ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि केंद्र खुद को ‘यूनियन सरकार’ के रूप में संबोधित करने की बात करता है, लेकिन कोयंबटूर मेट्रो प्रोजेक्ट को सिर्फ इसलिए मंजूरी नहीं दी गई क्योंकि जनसंख्या पर्याप्त नहीं बताई जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल ने प्रदेश का नाम बदलने की कोशिश की, लेकिन विरोध बढ़ने पर उन्हें पीछे हटना पड़ा.
उदयनिधि स्टालिन ने बीजेपी पर लगाया आरोप
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार सभी शक्तियों को अपने हाथ में रखने की कोशिश कर रही है. आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों को राजनीतिक रूप से कमजोर बनाने और राजनीतिक रूप से मजबूत राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर करने की दिशा में बीजेपी काम कर रही है. उदयनिधि ने कहा कि देश में धीरे-धीरे सत्ता एक जगह इकट्ठी की जा रही है और इससे राज्यों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु कई मुद्दों पर परेशान है- जैसे टैक्सों का गलत बंटवारा, फंड रोकना, नई शिक्षा नीति और भविष्य में होने वाला परिसीमन (delimitation).
स्टालिन ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया. उन्होंने कहा, “हिंदी या कोई और भाषा थोपने की कोशिश की तो एक और भाषा युद्ध लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे.” उन्होंने आगे कहा, “तमिल कभी 3 भाषा वाले फॉर्मूले को स्वीकार नहीं करेंगे. तमिलनाडु हमेशा अपनी भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए खड़ा रहेगा”
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ने कहा, “हम ऐसे संवैधानिक संशोधन चाहते हैं जो राज्यों को अधिक शक्ति दें, ताकि भारत, राज्यों के एक मजबूत संघ के रूप में कार्य कर सके.”
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