मिडिल ईस्ट में जारी जंग के 25वें दिन पाकिस्तान ने कहा कि वह अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है. पाकिस्तान की ओर से ये बयान ऐसे समय में आया है जब कई रिपोर्ट में ये दावा किया जा रहा है कि इस जंग को खत्म कराने के लिए तुर्किए, मिस्र और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की.
बातचीत की मेजबानी को तैयार पाकिस्तान
अलजजीरा को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, ‘अगर ईरान और इजरायल चाहें तो इस्लामाबाद बातचीत की मेजबानी करने के लिए हमेशा तत्पर है. क्षेत्र में शांति स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार संवाद और कूटनीति पर जोर देना चाहिए.’ ट्रंप ने अगले 5 दिन तक ईरान के एनर्जी ठिकानों में हमले नहीं करने की बात कही है. उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और करीब 15 मुद्दों पर बात बन गई है, जबकि तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज किया.
डिप्लोमेटिक चैनल के केंद्र में पाकिस्तान: रिपोर्ट
पाकिस्तान के सेना प्रमुख सीडीएफ आसिम मुनीर ने रविवार (23 मार्च 2026) को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बात की. पाक पीएम शहबाज शरीफ ने एक दिन बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की. इसके बाद विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने ईरानी और तुर्किए समकक्षों से अलग-अलग फोन पर बातचीत की. इजरायल के चैनल12 ने एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के हवाले से बताया था कि इस हफ्ते के अंत में इस्लामाबाद में वरिष्ठ ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक के लिए संपर्क प्रक्रिया चल रही है.
ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज किया
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के पूर्ण समाधान के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत हुई है. हालांकि, ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए इन्हें फर्जी खबर बताया. ईरान की ओर से सोशल मीडिया पर कहा गया, ‘अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. फर्जी खबरें फैला कर वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जा रहा है जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हैं.’
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