अमेरिका का ड्राफ्ट, शहबाज शरीफ का पोस्ट? रिटायर्ड मेजर आदिल राजा ने खोली पोल, पाकिस्तान के हुकमरानों को बताया शानदार पोस्टमैन


US Iran War: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कल सीजफायर से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 2 हफ्ते डेडलाइन बढ़ाने की पोस्ट की थी, जिसमें सबसे ऊपर ड्राफ्ट पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का एक्स अकाउंट था. जिसे बाद में शहबाज शरीफ ने एडिट तो कर लिया था, लेकिन पाकिस्तान के कई रिटायर्ड सैन्य अफसर, पत्रकार इसे अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को भेजा गया ड्राफ्ट होने का दावा कर रहे हैं. इसी कड़ी में पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड मेजर और पत्रकार आदिल राजा ने एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि कई बार ऊपर वाला खुद निजाम की पोल खोल देता है और शहबाज शरीफ की एक्स पोस्ट में गलती ने शहबाज मुनीर निजाम की पोल खोल दी है.

सोल्जर स्पीक्स नाम के यूट्यूब चैनल पर पाकिस्तान की मौजूदा मुनीर-शहबाज हुकूमत के मानवाधिकार उल्लंघन और भ्रष्टाचार पर पोल खोलने वाले रिटायर्ड मेजर आदिल राजा ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि शहबाज की X पोस्ट की भाषा से साऱ पता चल रहा है कि इसे अमेरिका ने ड्राफ्ट किया था और ऊपर से शहबाज की ड्राफ्ट फॉर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री वाली गलती से साबित भी हो गया. साथ ही आदिल राजा के मुताबिक ट्रम्प ने कल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद X पोस्ट का ड्राफ्ट आसिम मुनीर को भिजवाया था, जिसे मुनीर ने शहबाज को फॉरवर्ड किया और शहबाज ने सीधा बिना पढ़े X पर पोस्ट कर दिया. ऐसे में ये साफ हो रहा है की पाकिस्तान की मौजूदा हुकुमत अमेरिका के गुलाम की तरह काम कर रही है और जो अमेरिका उससे करने को कहता है, वैसा करती है.

पाकिस्तान की भूमिका मध्यस्थ की नहीं, बल्कि पोस्टमैन की थी: आदिल राजा

साथ ही मेजर रिटायर्ड आदिल राजा के मुताबिक पाकिस्तान की पूरे ईरान और अमेरिका जंग में भूमिका किसी मध्यस्थ की नहीं थी, बल्कि एक शानदार पोस्टमैन की थी, जिसे मुनीर-शहबाज के निजाम ने बखूबी से निभाया और वो सब कुछ किया जो अमेरिका ने उससे कहा था. बाहर मीडिया में बेचने के लिए तो पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा था और करेगा लेकिन हकीकत यही है कि पाकिस्तान अमेरिका का पोस्टमैन था. साथ ही पूरे समीकरण को देखें तो खुद पूर्व ISI प्रमुख हामिद गुल कई बार बोल चुके हैं कि पाकिस्तान में बिना अमेरिका की मर्जी के सेना प्रमुख नहीं बनता. ऐसे में जो सेना प्रमुख अमेरिका ने लगाया है, वो पोस्ट मैन का काम भी अमेरिका के लिए ही करेगा.

साथ ही मेजर आदिल राजा के मुताबिक, भारत जैसा कोई स्वतंत्र देश जहां हुकूमत जनता चुनती है, वो अमेरिका के लिए पोस्टमैन कभी नहीं बनेगा. ऐसे में पाकिस्तान से बढ़िया पोस्टमैन लगाने का अमेरिका के पास कोई विकल्प नहीं था, जिसे अमेरिका के प्यारे फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ ने पूरा कर दिया.

दुनिया में आतंकवाद के लिए बदनाम देश पर ट्रंप का भरोसा समझ से परे

पाकिस्तान जहांं एक तरफ पूरी दुनिया में आतंकवाद के लिए बदनाम है, तो दूसरी तरफ ट्रम्प उसी पाकिस्तान पर भरोसा कर रहे हैं और सीजफायर के लिए अहम बता रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड सैन्य अफसर मेजर आदिल राजा के मुताबिक, इस घटना को तीन मुख्य बिंदुओं से समझना चाहिए.

पहला ईरान के साथ जब पूरी दुनिया ने अमेरिका के दबाव में व्यापार संबंध तोड़ दिए थे, तब भी पाकिस्तान में खुलेआम फौज की मर्जी से तेज की स्मगलिंग चलती थी. ईरान का पेट्रोल और अन्य सामान पाकिस्तान के बलूचिस्तान की बाजारों में बिकता था और अभी भी बिकता है. साथ ही पाकिस्तान की सरकार ईरान के साथ बर्टर सिस्टम चलाती थी. ऐसे में ईरान और पाकिस्तान के संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं.

अब आते हैं की ट्रम्प को पाकिस्तान पर इतना भरोसा क्यों है? इसके लिए समझना होगा की पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के आदर्श, गुरु और इस समय पाकिस्तान एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड नजीर बट कई अरसा अमेरिका में पाकिस्तान के डिफेंस अटैचे रहे हैं, और उन्हें अमेरिका की नब्ज पता है और लूप होल पता है/

आसिम मुनीर उनसे ही सलाह लेता है. ऐसे में सबको पता है की ट्रम्प को कमजोरी बिजनेस है. पैसा है और मुनीर-शहबाज की हुकूमत ने ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और ट्रम्प के करीबी स्टीव विटकॉफ को पाकिस्तान बुलाकर क्रिप्टो डील की साथ ही पाकिस्तान के वाशिंगटन में स्थित रोजवेल्ट होटल की भी डील स्टीव विटकॉफ के साथ की. ऐसे में ट्रंप को खुश करने के लिए मुनीर-शहबाज वो सब कई अरसे से कर रहे जो ट्रंप चाहते हैं. इसी वजह से ट्रम्प को आतंकवाद के बाद भी पाकिस्तान की मौजूदा हुकूमत पर इतना भरोसा है.

साथ ही अमेरिकी सिस्टम में पेंटागन अलग दिशा में चलता है, राष्ट्रपति का दफ्तर अलग दिशा में और कांग्रेस अलग दिशा में, इसी का कारण है कि जिस समय पाकिस्तान अमेरिका के लिए पोस्टमैन का काम कर रहा था. उसी समय अमेरिकी कांग्रेस अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान को वैश्विक आतंकी संगठनो और भारत के खिलाफ आतंकी संगठनों को पालने का आरोप लगा रही थी.

तीसरा अमेरिका को भी ऐसा सिस्टम पोस्ट मैन बनाने के लिए सूट करता है. जहां जनता के प्रति जवाबदेही ना हो, अगर भारत मेडिएशन करता तो सरकार को जनता को लोकसभा को बताना होता, लेकिन आसिम मुनीर जैसा पाकिस्तान का सरबरा उसे ना जानता को कुछ बताना है और ना ही पाकिस्तानी संसद को. उसे बस वो करना है जो ट्रम्प उससे कह रहा है, क्यूंकि पाकिस्तान में कौन सेना प्रमुख बनेगा कौन रहेगा ये 78 साल से अमेरिका तय कर रहा है.

साल 2022 में जब शहबाज शरीफ जानता का वोट चोरी करके चुनाव में घपला करके प्रधानमंत्री बने थे, तो वो पाकिस्तानी सेना ने ही बनवाया था और पाकिस्तान के 78 साल के इतिहास में सेना की पाकिस्तान को चलती है और तय करती है कि कौन प्रधानमंत्री बनेगा. इसी वजह सेना प्रमुख हमेशा से defacto लीडर होता है और अभी तो आसिम मुनीर देश का सर्वोच्च नेता ही है. इसी वजह से ट्रम्प सीधा मुनीर से बात करना पसंद करते हैं, क्यूंकि असली ताकत शहबाज की जगह मुनीर के पास है और खुद अमेरिका ने ही इसे सेना प्रमुख बनाया था.

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