ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच चल रही जंग अब पाकिस्तान को भी सीधे प्रभावित करने लगी है. तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास और वहां के पाकिस्तानी राजदूत के आवास के बहुत करीब इजरायली एयरस्ट्राइक हुई. पाकिस्तानी मीडिया और राजनयिक सूत्रों के मुताबिक धमाकों की आवाजें दूतावास परिसर तक आईं, जिससे वहां मौजूद राजनयिक और स्टाफ बुरी तरह हिल गए. हालांकि अच्छी बात यह है कि किसी की जान नहीं गई और सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं.
तेहरान में पाकिस्तानी जमीन पर हमले से हड़कंप
पाकिस्तानी दूतावास तेहरान में पाकिस्तान की संप्रभु जमीन माना जाता है. यहां पाकिस्तान सरकार का पूरा मालिकाना हक है. ऐसे में इस इलाके के पास हमला होना पाकिस्तान के लिए गंभीर माना जा रहा है. घटना के तुरंत बाद दूतावास के अंदर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया. राजनयिक अभी भी सदमे में हैं, लेकिन उन्होंने तुरंत अपनी सुरक्षा व्यवस्था चेक की और सब ठीक पाया.
यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. तीनों देश शटल डिप्लोमेसी चला रहे हैं, यानी दोनों पक्षों के बीच मैसेज पास कर रहे हैं और बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश में जुटे हैं. पाकिस्तान ने यहां तक कहा है कि वो दोनों देशों के बीच बातचीत की मेजबानी भी करने को तैयार है.
पाकिस्तान सरकार ने हमले पर क्या रिएक्शन दिया?
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस हमले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पूरी घटना की जानकारी ली जा रही है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला गलती से हुआ हो सकता है, तो कुछ का कहना है कि यह पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों के बीच एक चेतावनी भी हो सकती है.
पाकिस्तानी दूतावास स्टाफ को सतर्क रहने के आदेश
तेहरान में पिछले कई दिनों से इजरायल के हवाई हमले जारी हैं. ईरान भी जवाब में इजरायल पर मिसाइलें दाग रहा है. इस जंग में दोनों तरफ से भारी बमबारी हो रही है. पाकिस्तान ने पहले भी ईरान पर हुए हमलों की निंदा की थी और शांति की अपील की थी. अभी स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है. पाकिस्तानी दूतावास के स्टाफ को सतर्क रहने को कहा गया है. अगर हालात और बिगड़े तो आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर नजर रखी जा रही है.
यह घटना दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के बीच के रिश्तों को नई दिशा दे सकती है. पाकिस्तान ईरान के साथ अच्छे संबंध रखता है और साथ ही अमेरिका के साथ भी बैलेंस बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. अब देखना होगा कि यह स्ट्राइक शांति की कोशिशों पर कितना असर डालती है.