अमेरिका के पास 111 गुना ज्यादा एयरक्राफ्ट, 105 गुना टैंक और सबसे ताकतवर सेना, जंग होने पर कितने घंटे टिकेगा डेनमार्क?


डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की तो NATO सैन्य गठबंधन का अंत हो जाएगा. 5 जनवरी 2026 की रात एक टीवी इंटरव्यू में फ्रेडरिकसन ने कहा कि अगर अमेरिका किसी NATO सदस्य पर हमला करेगा तो कुछ नहीं बचेगा. NATO में एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है.

ऐसे में खबरें हैं कि ग्रीनलैंड के लिए डेनमार्क और अमेरिका आमने-सामने आ सकते हैं. हालांकि, सभी जानते हैं कि यह सीधी भिड़ंत हुई भी तो जीत अमेरिका की होगी. लेकिन…

अमेरिका और डेनमार्क के बीच युद्ध कितने घंटे चलेगा?

यह युद्ध बहुत असान होगा क्योंकि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, जबकि डेनमार्क छोटा देश है. ग्लोबल फायरपावर के मुताबिक, अमेरिका का PowerIndex स्कोर 0.0744 है (रैंक 1), जबकि डेनमार्क का 0.8109 (रैंक 45). ग्लोबल फायरपावर की रिपोर्ट 145 देशों की मिलिट्री स्ट्रेंथ को PowerIndex स्कोर से मापती है, जहां कम स्कोर मतलब ज्यादा ताकत.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की एयर और नेवल पावर से वह कुछ ही घंटों में डेनमार्क की डिफेंस को तोड़ सकता है. अगर युद्ध ग्रीनलैंड पर केंद्रित हो, तो अमेरिका की सबमरीन और एयरक्राफ्ट कैरियर्स से हमला तेज होगा. लेकिन NATO नियमों के कारण पूरा गठबंधन शामिल हो सकता है, जो युद्ध को लंबा खींच सकता है. हाइपोथेटिकल रूप से, बिना NATO हस्तक्षेप के यह कुछ घंटों या दिनों में खत्म हो सकता है, क्योंकि डेनमार्क की सेना अमेरिका की तुलना में बहुत छोटी है.

अमेरिका की सैन्य ताकत का ओवरव्यू क्या है?

ग्लोबल फायरपावर 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की कुल आबादी 34 करोड़ 19 लाख है. अमेरिका के पास मैनपावर 15 करोड़ 4 लाख है, जिसमें फिट-फॉर-सर्विस 12 करोड़ 48 लाख और हर साल मिलिट्री एज पहुंचने वाले 44 लाख 45 हजार लोग हैं. एक्टिव पर्सनल 13 लाख 28 हजार, रिजर्व 7 लाख 99 हजार और कोई पैरामिलिट्री नहीं है. डिफेंस बजट 89.50 बिलियन डॉलर है. भूगोल में 98 लाख 33 हजार वर्ग किलोमीटर लैंड एरिया, 19 हजार 924 किलोमीटर कोस्टलाइन और 12 हजार किलोमीटर शेयर्ड बॉर्डर हैं. लॉजिस्टिक्स में 1 करोड़ 70 लाख लेबर फोर्स, 3 हजार 533 मर्चेंट मरीन फ्लीट और 666 पोर्ट्स हैं.

डेनमार्क की सैन्य ताकत का ओवरव्यू क्या है?

ग्लोबल फायरपावर 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, डेनमार्क की कुल आबादी 59 लाख 73 हजार है. मौजूदा मैनपावर 26 लाख 28 हजार है, जिसमें फिट-फॉर-सर्विस 21 लाख 26 हजार और हर साल मिलिट्री एज पहुंचने वाले 77 हजार 651 लोग हैं. एक्टिव पर्सनल 20 हजार, रिजर्व 12 हजार और पैरामिलिट्री 51 हजार है. डिफेंस बजट 722 मिलियन डॉलर है. भूगोल में 43 हजार 94 वर्ग किलोमीटर लैंड एरिया, 7 हजार 314 किलोमीटर कोस्टलाइन और सिर्फ 140 किलोमीटर शेयर्ड बॉर्डर हैं. लॉजिस्टिक्स में 31 लाख 80 हजार लेबर फोर्स, 715 मर्चेंट मरीन फ्लीट और 69 पोर्ट्स हैं.

अमेरिका और डेनमार्क के पास कौन से और कितने हथियार हैं?

  • अमेरिका की एयरपावर बेहद मजबूत: अमेरिका के पास कुल 13 हजार 43 एयरक्राफ्ट हैं, जिसमें 1 हजार 790 फाइटर जेट्स, 889 अटैक एयरक्राफ्ट, 918 ट्रांसपोर्ट प्लेन, 2 हजार 647 ट्रेनर्स, 647 स्पेशल मिशन, 605 टैंकर्स, 5 हजार 843 हेलिकॉप्टर्स (जिनमें 1 हजार 2 अटैक हेलिकॉप्टर्स) हैं. लैंड फोर्सेस में 4 हजार 640 टैंक, 3 लाख 91 हजार 963 आर्मर्ड व्हीकल्स, 671 सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी, 1 हजार 212 टोड आर्टिलरी और 641 MLRS रॉकेट सिस्टम है. नेवल फोर्सेस में 440 शिप्स हैं, जिसमें 11 एयरक्राफ्ट कैरियर्स, 9 हेलिकॉप्टर कैरियर्स, 81 डिस्ट्रॉयर्स, 26 कोर्वेट्स, 70 सबमरीन्स और 8 माइन वारफेयर शिप्स हैं. रेडीनेस रेट करीब 75% है.
  • डेनमार्क की एयरपावर कमजोर: डेनमार्क के पास कुल 117 एयरक्राफ्ट्स हैं, जिसमें 31 फाइटर जेट्स, 4 अटैक एयरक्राफ्ट, 4 ट्रांसपोर्ट प्लेन, 41 ट्रेनर्स, 3 स्पेशल मिशन हैं. डेनमार्क के पास कोई टैंकर या अटैक हेलिकॉप्टर्स नहीं है, हालांकि 34 हेलिकॉप्टर्स हैं. लैंड फोर्सेस में 44 टैंक, 3 हजार 856 आर्मर्ड व्हीकल्स, 19 सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी और 8 MLRS रॉकेट सिस्टम हैं. नेवल फोर्सेस में 50 शिप्स (1 लाख 21 हजार टन टनेज), जिसमें कोई एयरक्राफ्ट कैरियर, हेलिकॉप्टर कैरियर, डिस्ट्रॉयर या सबमरीन नहीं है. 9 फ्रिगेट्स, 9 ऑफशोर पैट्रोल वेसल्स और 6 माइन वारफेयर शिप्स हैं.

अमेरिका हर क्षेत्र में डेनमार्क से कहीं ज्यादा ताकतवर

मैनपावर में अमेरिका की एक्टिव फोर्स डेनमार्क की 66 गुना है. एयरपावर में अमेरिका के पास 111 गुना ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं और नेवल फोर्सेस में 8 गुना ज्यादा शिप्स हैं. लैंड फोर्सेस में अमेरिका के पास 105 गुना ज्यादा टैंक हैं. अमेरिका का डिफेंस बजट डेनमार्क से 124 गुना बड़ा है.

ग्लोबल फायरपावर के PowerIndex से साफ है कि अमेरिका (स्कोर 0.0744) डेनमार्क (0.8109) से बहुत आगे है. अमेरिका की जियोपॉलिटिकल रीच, टेक्नोलॉजी और रिसोर्सेज इसे विनर बनाते हैं.

क्या दोनों देशों में युद्ध की स्थिति बन सकती हैं?

दोनों NATO सदस्य देश हैं, इसलिए युद्ध की स्थिति में पूरा गठबंधन (29 देश) शामिल हो सकता है, जो अमेरिका के खिलाफ जाएगा. ग्लोबल फायरपावर रिपोर्ट में डेनमार्क को यूरोपीय यूनियन सदस्य बताया गया है, जो एक्स्ट्रा सपोर्ट दे सकता है. लेकिन हाइपोथेटिकल रूप से, अगर अकेले लड़ाई हो, तो अमेरिका की न्यूक्लियर कैपेबिलिटी और लॉजिस्टिक्स से वह आसानी से जीत जाएगा. ऐसा युद्ध दुनिया को अस्थिर कर सकता है.

हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका और डेनमार्क के बीच युद्ध की बात पूरी तरह काल्पनिक है. दोनों देश NATO के सदस्य हैं, इसलिए ऐसा होना लगभग नामुमकिन है.



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