अमेरिका के सिएटल में स्वामी विवेकानंद की भव्य प्रतिमा स्थापित, शहर में भारतीय नायक की होगी पहली मूर्ति


अमेरिका के सिएटल शहर के बीचों-बीच स्थित वेस्टलेक स्क्वायर में स्वामी विवेकानंद की लाइफ साइज (वास्तविक आकार) की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया है. यह पहली बार है जब अमेरिका में किसी शहर की सरकार ने स्वामी विवेकानंद की ऐसी प्रतिमा को आधिकारिक तौर पर स्थापित किया है. इस ऐतिहासिक अवसर पर सिएटल की मेयर केटी विल्सन और भारत के महावाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया.

अमेरिका में पहली बार शहर सरकार ने लगाई विवेकानंद की प्रतिमा
यह प्रतिमा अमेरिका में अपनी तरह की पहली स्थापना है, जिसे किसी सिटी गवर्नमेंट ने लगाया है. इससे पहले स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाएं अलग-अलग संस्थाओं या समुदायों द्वारा लगाई जाती रही हैं, लेकिन इस बार यह काम सीधे शहर प्रशासन ने किया है.

सिएटल के सबसे व्यस्त और प्रमुख स्थान पर स्थापना
यह प्रतिमा वेस्टलेक स्क्वायर में लगाई गई है, जो सिएटल शहर का एक बेहद प्रसिद्ध और व्यस्त इलाका है. यहां रोजाना करीब 4 लाख लोग आते हैं और हर महीने लाखों पर्यटक इस जगह पर पहुंचते हैं. यह स्थान अमेजन स्फीयर्स, सिएटल कन्वेंशन सेंटर और सिएटल सेंटर मोनोरेल के पास स्थित है, जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है.

भव्य समारोह में शामिल हुए कई बड़े नेता
इस प्रतिमा के अनावरण समारोह में सिएटल और आसपास के कई शहरों के मेयर और बड़े नेता शामिल हुए. इनमें केंट की मेयर डाना राल्फ, ऑबर्न की मेयर नैन्सी बैकस, टुकविला के मेयर टॉम मैक्लियोड, नॉर्मंडी पार्क के मेयर एरिक ज़िमरमैन और किर्कलैंड की मेयर केली कर्टिस शामिल थे. इसके अलावा भारतीय मूल के समुदाय के कई नेता और बेलव्यू, बोथेल, ड्यूपोंट और रेडमंड के सिटी काउंसिल के सदस्य भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे.

मेयर केटी विल्सन ने बताया- यह समावेशिता का प्रतीक

सिएटल की मेयर केटी विल्सन ने अपने भाषण में कहा कि स्वामी विवेकानंद की यह प्रतिमा शहर की विविधता और समावेशी सोच को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि इससे भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक रिश्ते और मजबूत होंगे, खासकर टेक्नोलॉजी हब सिएटल में.

भारत की ओर से दिया गया खास उपहार
यह प्रतिमा इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) की ओर से सिएटल शहर को उपहार के रूप में दी गई है. यह कदम भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना और लोगों के बीच रिश्तों को मजबूत करना है. इस कार्यक्रम का आयोजन ICCR डे के मौके पर किया गया, जो इस पहल को और खास बनाता है. स्वामी विवेकानंद एक महान संत, दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने वेदांत और योग को पश्चिमी देशों में लोकप्रिय बनाया. उनका जीवन (1863–1902) भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक माना जाता है.

भारतीय कलाकार ने बनाई यह भव्य प्रतिमा

इस प्रतिमा को भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत ने तैयार किया है. उन्होंने दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में 600 से अधिक प्रतिमाएं बनाई हैं, जो भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हैं. इस मौके पर भारतीय सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. समारोह में मौजूद लोगों को स्वामी विवेकानंद से जुड़े संदेश भी दिए गए और स्मृति चिन्ह (Souvenir) भी वितरित किए गए.

भारत-अमेरिका संबंधों को मिलेगा नया आयाम
इस प्रतिमा की स्थापना को भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों के रूप में देखा जा रहा है. खासकर अमेरिका के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में यह कदम लोगों के बीच जुड़ाव को और मजबूत करेगा.

इतिहास में दर्ज हुआ 11 अप्रैल 2026 का दिन
11 अप्रैल 2026 को सिएटल में हुआ यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया है. यह सिर्फ एक प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बनकर उभरा है. 





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