मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिका ने हथियार को लेकर तीन बड़े करार किए हैं, जिसके बाद ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या अमेरिका में मिसाइल और रॉकेट घटने लगे हैं. यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई और ईरान से लड़ते हुए अमेरिका को हथियार घटने की चिंता सता रही है. अमेरिकी युद्ध मंत्रालय ने घोषणा की है कि उन्होंने 4 कंपनियों के साथ 3 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि हथियारों के उत्पादन में बढ़ोतरी और प्रक्रिया में तेजी आ सके.
हथियारों का उत्पादन बढ़ा रहा अमेरिका
इसमें टीएचएएडी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी शामिल है. इन समझौतों के तहत, बीएई सिस्टम्स और लॉकहीड मार्टिन टीएचएएडी इंटरसेप्टर के लिए सिक्कर के उत्पादन को चौगुना करेंगे. वहीं हनीवेल एरोस्पेस महत्वपूर्ण घटकों के उत्पादन में बढ़ोतरी करेगा. टीएचएएडी प्रणाली को बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके टर्मिनल चरण में रोकने के लिए डिजाइन किया गया है.
इसका उपयोग अमेरिकी सेना और अन्य देश करते हैं. लॉकहीड मार्टिन ने हाल ही में टीएचएएडी इंटरसेप्टर के उत्पादन को 96 से बढ़ाकर 400 प्रति वर्ष करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. ईरान लगातार तबाह करने की धमकी देने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप भी अब अचानक शांति की बात करने लगे हैं. बीते 2-3 दिन से वे बार-बार शांति समझौते की बात कर रहे हैं.
शांति वार्ता को लेकर ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज किया
ट्रंप ने पश्चिम एशिया में युद्ध में जीत का दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमत हो गया है और उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सौगात भेजी है. हालांकि ईरान ने ट्रंप के सभी दावों को खारिज किया और कहा कि शांति वार्ता को लेकर कोई पहल नहीं हुई है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के मौजूदा नेतृत्व में पहले ही बड़े बदलाव हो चुके हैं.
उन्होंने कहा, ‘असल में यह वही है, जिसे हम सत्ता परिवर्तन कह सकते हैं. यह सत्ता परिवर्तन है क्योंकि अब सत्ता में बैठे लोग उन लोगों से बिल्कुल अलग हैं, जिनके साथ हमने शुरुआत की थी और जिन्होंने वे सारी समस्याएं पैदा की थीं.’
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