अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को टैरिफ पर लगा झटका तो आया कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने X पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की तारीफ की है. उन्होंने लिखा, ‘अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को सलाम, जिसने ट्रंप की पूरी टैरिफ रणनीति को पलट दिया! इसकी वैचारिक संरचना को देखते हुए यह फैसला आश्चर्यजनक है. 6-3 का फैसला निर्णायक है. अमेरिकी चेक एंड बैलेंस सिस्टम अभी भी काम कर रहा है.’

भारत ने शुरुआती रणनीति क्यों छोड़ दी: पवन खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पर ट्वीट करते हुए कहा, ‘जल्दबाजी शैतान का काम है.’ US सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के तथाकथित वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया है. अगर भारत ने सिर्फ 18 दिन और इंतजार किया होता, तो शायद हम खुद को एकतरफा, भारत विरोधी व्यापार समझौते में फंसा हुआ नहीं पाते. PM मोदी ने 2 फरवरी 2026 को देर रात वाशिंगटन को फोन क्यों किया? भारत ने आज अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की अपनी शुरुआती रणनीति क्यों छोड़ दी? क्या यह जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का खुलासा है? क्या यह जेफरी एपस्टीन फाइलों का साया है? क्या यह गौतम अडाणी से जुड़ा अमेरिकी आपराधिक मामला है? या यह सब कुछ है? आज, कांग्रेस का उद्धार हो गया है कि नरेंद्र मोदी समझौता कर चुके हैं.

विवादों के बाद ट्रंप की नीति पर लगा ब्रेक

यह फैसला ऐसे समय आया है जब ट्रंप की टैरिफ नीति पहले से ही विवादों में थी. हाल ही में बोर्ड ऑफ पीस समिट में ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने 200% टैरिफ की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 का संघर्ष रुकवाया था. लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि सीजफायर दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत से हुआ.

ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या कहा?

ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले को ‘शर्मनाक’ बताया है. व्हाइट हाउस ने कहा कि वे दूसरे कानूनों का इस्तेमाल करके कई टैरिफ दोबारा लागू करने की कोशिश करेंगे. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘यह फैसला अमेरिकी श्रमिकों के खिलाफ है. हम लड़ते रहेंगे.’ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप अपनी टैरिफ नीति को छोड़ने वाले नहीं हैं और अब कांग्रेस की मंजूरी लेने की कोशिश कर सकते हैं.

US सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया है?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक टैरिफ रणनीति को असंवैधानिक करार देते हुए इसे पूरी तरह से रद्द कर दिया है. यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया है, जो ट्रंप के आर्थिक एजेंडे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का दुरुपयोग किया, जो राष्ट्रीय आपातकाल में कुछ अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को नियंत्रित करने की अनुमति देता है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने की नहीं

यह फैसला 20 फरवरी 2026 को आया, जब चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय लिखी. उनके साथ जस्टिस एमी कोनी बैरेट, नील गोर्सच और कोर्ट के तीन लिबरल जजों ने सहमति जताई. असहमति जताने वाले जजों में क्लैरेंस थॉमस, सैमुअल अलिटो और ब्रेट कावानॉ शामिल थे. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि IEEPA जैसा 1977 का कानून राष्ट्रपति को इतने व्यापक टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं देता.





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