अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है. मजदूरों को ले जा रहा एक ट्रक खतरनाक पहाड़ी रास्ते से फिसलकर हजारों फीट गहरी खाई में जा गिरा. इस हादसे में करीब 22 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अब तक सिर्फ एक मजदूर ही जिंदा निकाला गया है.
अरुणाचल प्रदेश में प्रोजेक्ट साइट पर जा रहे थे मजदूर
यह हादसा बुधवार को हायलांग-चगलाघम मार्ग पर मेटेंगलियांग के पास हुआ. सभी मजदूर असम के तिनसुकिया जिले के गेलापुखुरी चाय बागान के रहने वाले थे. वह कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने अरुणाचल प्रदेश में एक प्रोजेक्ट साइट पर जा रहे थे. लेकिन तीखे मोड़, सीधी चढ़ाई-उतराई और गहरी खाइयों वाले खतरनाक रास्ते पर हादसा हो गया.
मृतक मजदूरों की पहचान हुई
मृतकों में बुधेश्वर दीप, राहुल कुमार, समीर दीप, जॉन कुमार, पंकज मांकी, अजय मांकी, बिजय कुमार, अभय भुमिज, रोहित मांकी, बिरेंद्र कुमार, अगोर टांटी, धीरेन चेतिया, रजनी नाग, दीप गोवाला, रामचबक सोनार, सोनातन नाग, संजय कुमार, करण कुमार और जोनाश मुंडा शामिल हैं. अभी तक 3 अन्य मजदूरों की पहचान नहीं हो पाई है. मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई है.
रेस्क्यू टीम ने 13 शव बरामद किए
हादसे की जगह से रेस्क्यू टीम ने 13 शवों की बरामदगी की है. बाकी की तलाश जारी है. मौके पर खड़ी ढलान, बेहद मुश्किल इलाका और खराब रास्तों की वजह से बचाव कार्य में काफी परेशानी हो रही है. पुलिस, जिला प्रशासन, SDRF और सेना की टीमें मिलकर ऑपरेशन चला रही हैं. सभी बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई. असम और अरुणाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं.
दुर्गम इलाके में यह मौत का रास्ता
यह इलाका मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है. इंडो-चाइना बॉर्डर से जुड़े सड़क प्रोजेक्ट पर काम करने वाले मजदूरों को रोजाना बेहद खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है. कई बार खराब मौसम, भूस्खलन और संकरी सड़कें हादसों की वजह बन जाती हैं.
हालिया घटना में हादसे की वजह पता नहीं चली है. अंजाव के डिप्टी कमिश्नर मिलो कोजिन ने कहा है कि जांच की जा रही है. जल्द ही वजह का पता चल जाएगा.