चेन्नई में एबीपी नेटवर्क साउदर्न राइजिंग समिट 2025 के दौरान पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने साफ कहा कि लोग उनके आक्रामक रवैये पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वे अपनी शैली नहीं बदलने वाले हैं. एबीपी न्यूज ने पूछा कि कई लोगों को आपके एग्रेसिव स्टाइल से दिक्कत है, वे कहते हैं कि आपका तरीका टकराव वाला है, सहयोग वाला नहीं. इस पर अन्नामलाई ने बेबाक जवाब दिया कि यह उनका स्वभाव है और राजनीति में यही तरीका उन्हें सही लगता है.
मैं आक्रामक हूं और मुझे इस पर गर्व है- अन्नामलाई
अन्नामलाई ने कहा कि उनके काम करने के कई पक्ष हैं.- व्यक्तिगत, प्रोफेशनल और सामाजिक, लेकिन राजनीति के मामले में वे हमेशा आक्रामक रहे हैं और आगे भी रहेंगे. उन्होंने स्वीकार किया कि आक्रामक होने की उन्हें कीमत चुकानी पड़ी है, लेकिन इसी रवैये से वे तमिलनाडु में पार्टी को खड़ा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं इस पर गर्व करता हूं. मैं पीछे नहीं हटूंगा और ना ही अपनी पर्सनैलिटी बदलूंगा.’
कभी-कभी राजनीति में चुप भी रहना पड़ता है- अन्नामलाई
AIADMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा कि विचार और नीतियों में अंतर के बावजूद गठबंधन चलाना राजनीति का हिस्सा है. अन्नामलाई बोले, ‘राजनीति ने मुझे सिखाया कि कभी-कभी मुंह बंद रखना भी जरूरी होता है. विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन राजनीति में कभी स्थायी दोस्त या स्थायी दुश्मन नहीं होते.’
आक्रामक होने की वजह से 90 केस दर्ज – पू्र्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
अन्नामलाई ने बताया कि उनकी आक्रामक शैली के कारण उनके खिलाफ 90 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं ईमानदार आईपीएस अधिकारी था, लेकिन अब इतने मुकदमों की वजह से पासपोर्ट बनवाना भी मुश्किल हो गया है.’ अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति बेहद कठोर है और यहां संघर्ष के बिना राजनीति संभव नहीं. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में जो हो रहा है, उसे राजनीति नहीं कहा जा सकता. यह युद्ध है और युद्ध में आपको आक्रामक ही होना पड़ता है.