आखिर ट्रंप ने जंग के बीच क्यों लिया अल्लाह का नाम, सुनते ही दुनियाभर में मच गया बवाल


मिडिल ईस्ट में छिड़ा युद्ध छठवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. मौजूदा हालात को देखते हुए कोई भी यह कह पाने की स्थिति में नहीं है कि जंग की आग कब ठंडी पड़ेगी. दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ चुकी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को धमकी देने वाले अपशब्दों से भरे सोशल मीडिया पोस्ट लेकर बवाल मचा हुआ है. जिसमें अल्लाह के नाम का जिक्र किया गया है.

क्या बोले ट्रंप ?

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (5 अप्रैल) सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर किए एक पोस्ट के जरिए ईरान को फिर समझौता करने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की धमकी दी. उन्होंने इसके लिए मंगलवार रात 8 बजे तक की नई डेडलाइन भी तय कर दी. उन्होंने कहा, अगर तय समय में होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला गया तो ईरान को ‘नर्क’ में धकेल दिया जाएगा.  उन्होंने अपने पोस्ट को ‘अल्लाह से दुआ करो’ (प्रेज टू अल्लाह) कहकर खत्म किया.  अपने पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया.

आखिर ट्रंप ने जंग के बीच क्यों लिया अल्लाह का नाम, सुनते ही दुनियाभर में मच गया बवाल

ट्रंप के बयान की आलोचना

ईरान के खिलाफ ट्रंप की ओर की गई आपत्तिजनक बयानबाजी की अमेरिका से लेकर दुनियाभर के नेताओं ने आलोचना की है. नागरिक अधिकार ग्रुप ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स’ ने अल्लाह के नाम का जिक्र कर धमकी वाले पोस्ट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है. बयान जारी कर कहा गया, ‘राष्ट्रपति ट्रंप की इस्लाम का उपहास करने और ईरान में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी देना गैरजिम्मेदाराना, खतरनाक और ऐसी मानसिकता का संकेत है जो लोगों की जिंदगी के प्रति उदासीनता और धार्मिक मान्यताओं के प्रति अपमान को दिखाती हैं.’

अमेरिकी नेताओं ने भी जताई आपत्ति

ईरान के खिलाफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर कई अमेरिकी नेताओं ने उनकी आलोचना की है. पब्लिकन पार्टी की नेता एवं पूर्व सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा कि राष्ट्रपति ‘पागल हो गए हैं’. ग्रीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘ईस्टर की सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बयान पोस्ट किया.’ उन्होंने कहा, ‘उनके प्रशासन में जो भी खुद को ईसाई बताता है, उसे घुटनों के बल बैठकर ईश्वर से माफी मांगनी चाहिए, राष्ट्रपति की पूजा करना बंद करना चाहिए और ट्रंप के इस पागलपन में हस्तक्षेप करना चाहिए.’

 



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