अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हो चुका है. यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो 15 दिनों के सीजफायर पर सहमत हुए हैं और ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने को तैयार हो चुका है. इस बीच ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी.
भारत में ईरानी राजदूत ने एक फोटो शेयर कर लिखा है, ‘ईरान की सभ्यता के आगे झुक जाओ.’ इस फोटो में ईरान के राजा घोड़े पर बैठे हुए हैं और उनके हाथ में ईरान का राष्ट्रीय ध्वज है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप घुटनों पर बैठे हुए हैं. इसे ट्रंप की धमकी का जवाब माना जा रहा है.
Bow down to the Iranian civilization pic.twitter.com/7d9eRkVE9n
— Iran in India (@Iran_in_India) April 8, 2026
ट्रंप ने क्या दी थी ईरान को धमकी?
दरअसल ट्रंप ने ईरान को धमकाते हुए कहा था, ‘आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा होगा.’ उन्होंने आगे कहा कि अब हमने ईरान में सत्ता बदल दी है. अब वहां पहले की तुलना में स्मार्ट और कम कट्टरपंथी लोग हैं. किसे पता कि कुछ क्रांतिकारी कदम उठा लिया जाए? हमें आज रात पता चल जाएगा. यह दुनिया के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण पल हो सकता है. 47 साल की उगाही, भ्रष्टाचार और मौत का तांडव आखिरकार खत्म होगा.
अमेरिका और ईरान बता रहे अपनी-अपनी जीत
सीजफायर के ऐलान को अमेरिका अपनी तो ईरान अपनी जीत बता रहा है. जहां ईरान ने कहा है कि अमेरिका उसकी 10 सूत्रीय शर्तों पर सहमत हो गया है. वहीं व्हाइट हाउस ने इसका जवाब देते हुए कहा कि ट्रंप और अमेरिकी सेना ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए मजबूर कर दिया है.
You started the war, but Iran will set the conditions for its end.
Iran’s 10-point conditions that the US has accepted as “workable”:
The US is fundamentally committed to:
🔹 Non-aggression
🔹 Continuation of Iran’s control over the Strait of Hormuz
🔹 Acceptance of enrichment…— Iran in India (@Iran_in_India) April 8, 2026
ईरान ने बताईं अपनी 10 शर्तें
भारत में ईरानी दूतावास ने इससे पहले पोस्ट किया था कि आपने युद्ध शुरू किया, लेकिन ईरान ही इसके अंत की शर्तें तय करेगा. ईरान की उन 10 शर्तों के बारे में भी बताया गया है, जिन्हें अमेरिका ने व्यवहार्य माना है. ये शर्तें हैं-
-आक्रामकता न करना
-होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रखना
-संवर्धन को स्वीकार करना
-सभी प्राथमिक प्रतिबंध हटाना
-सभी द्वितीयक प्रतिबंध हटाना
– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को रद्द करना
-आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को रद्द करना
-ईरान को मुआवजा देना
-क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी
– लेबनान के वीर इस्लामी प्रतिरोध सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति