आधी रात में जोरदार भूकंप से डोल गई धरती, नींद से उठकर घर छोड़कर भागे लोग, जानें कितनी थी तीव्रता?


मध्य एशियाई देश ताजिकिस्तान में रविवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई. यह झटका रात 01:01 बजे (भारतीय समयानुसार) दर्ज किया गया.

NCS द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र 36.87° उत्तरी अक्षांश और 72.10° पूर्वी देशांतर पर स्थित था. इसकी गहराई जमीन से करीब 160 किलोमीटर नीचे थी, जो इसे मध्यम श्रेणी का गहरा भूकंप बनाता है. गहराई अधिक होने के कारण भूकंप का असर सतह पर सीमित रहा और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. किसी भी आपात स्थिति में लोगों को खुले स्थान पर जाने और घबराने के बजाय सुरक्षित उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.

म्यांमार में 3.7 तीव्रता का आया भूकंप

म्यांमार में शनिवार तड़के भूकंप के हल्के झटके दर्ज किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने जानकारी दी कि भूकंप 19 जुलाई 2025 को तड़के 03:26:40 बजे (भारतीय समयानुसार) आया. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई, जिसे हल्की श्रेणी में रखा जाता है.

NCS के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के अंदर 22.20° उत्तरी अक्षांश और 94.28° पूर्वी देशांतर पर स्थित था. इसकी गहराई जमीन से लगभग 105 किलोमीटर नीचे थी. गहराई ज्यादा होने की वजह से कंपन सतह पर बेहद हल्का महसूस हुआ और किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.

क्यों आता है भूकंप?

भूकंप तब आता है जब धरती के नीचे की बड़ी चट्टानें, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट कहते हैं, आपस में टकराती या हिलती हैं. ये प्लेटें बहुत धीरे-धीरे हर समय हिलती रहती हैं. जब इनमें ज्यादा दबाव बन जाता है और ये अचानक खिसकती हैं तो धरती में जोर का झटका लगता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं. यह झटका धरती की सतह तक महसूस होता है. कई बार यह बहुत हल्का होता है तो कभी तेज झटका नुकसान भी कर सकता है. ज्यादातर भूकंप धरती के अंदर गहराई में होने वाली हलचलों की वजह से आते हैं.

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