इंडियन एयरफोर्स ने रिटायर किए MiG-21 फाइटर जेट, अब कहां है पूरा बेड़ा? सैटेलाइट इमेज आई सामने


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भारतीय वायुसेना के इतिहास में अब तक कई लड़ाकू विमानों ने देश की सुरक्षा में हवाई मोर्चा संभाला है. चाहे वह मिग-29 फाइटर जेट हों, मिग-21, मिग-30 MKI, राफेल, तेजस या फिर कोई और, लेकिन इन सभी लड़ाकू विमानों में रूस निर्मित मिग-21 लड़ाकू विमान का इतिहास बेहद शानदार रहा है. अपनी लंबी सर्विस के दौरान रूस का मिग-21 लड़ाकू विमान भारत की रक्षा के लिए कई युद्ध के मौर्चों पर तैनात रहा.

इस लड़ाकू विमान ने पाकिस्तान में कई सफल हवाई ऑपरेशन्स को भी अंजाम दिया है. भारतीय वायुसेना का मिग-21 लड़ाकू विमान दुनिया के उन चुनिंदा फाइटर जेट्स में शामिल है, जिसने अमेरिका में निर्मित पाकिस्तान के एडवांस F-16 फाइटर जेट का मार गिराया है. मिग-21 लड़ाकू विमान ने 62 सालों तक भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दी है. इसके बाद हाल ही में सितंबर, 2025 में वायुसेना ने इस विमान को आधिकारिक तौर पर रिटायर कर दिया, लेकिन अभी हाल ही में कुछ तस्वीरें सामने आईं हैं, जिसमें रिटायर हो चुके मिग-21 लड़ाकू विमान नजर आए हैं और इन विमानों ने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है.

तस्वीरों में नजर आए दर्जनों मिग-21 लड़ाकू विमान

दरअसल, हाल ही में गुजरात के नालिया एयर फोर्स स्टेशन (AFS) की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आईं है, जिसमें एप्रन और आसपास के स्टैंड्स में भारतीय वायु सेना से रिटायर हो चुके मिग-21 लड़ाकू विमान का पूरा बेड़ा बिखरा हुए नजर आया है. आईडीआरडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में दर्जनों के संख्या में डेल्टा-विंग्ड एयरक्राफ्ट लाइन से खड़े नजर आए. इसमें से कुछ विमान कैमोफ्लाज जाल के अंदर या खुले आसमान के नीचे अरब सागर के किनारे के पास स्थित बेस के रेगिस्तानी इलाके के बीच खड़े दिखाई आए.

इंडियन एयरफोर्स ने रिटायर किए MiG-21 फाइटर जेट, अब कहां है पूरा बेड़ा? सैटेलाइट इमेज आई सामने

इन तस्वीरों ने नालिया एयरफोर्स स्टेशन, जो कभी MIG-21 Bis ऑपरेशन्स का एक प्रमुख केंद्र था, को लेकर ऑनलाइन बहस छेड़ दी है, जो एक्टिव सर्विस से आधिकारिक रूप से हटाए जाने के बाद रिटायर हो चुके मिग-21 लड़ाकू विमानों के लिए डंप यार्ड या लॉन्ग-टर्म स्टोरेज साइट में बदल गया. हालांकि, यह तस्वीरें वायुसेना के उन ठिकानों की स्थितियों से काफी ज्यादा मेल खाती हैं, जहां वायुसेना के रिटायर हो चुके विमानों के अक्सर संरक्षण में, पुर्जों की कटाई या आखिरी फैसलों के इंतजार में तुरंत स्क्रैप करने के बजाय खड़ा किया जाता है.

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