‘इंडिया आउट’ नारा देने वाले मुइज्जू ने PM मोदी के स्वागत में तोड़ा प्रोटोकॉल, तस्वीरों में देखें बदले तेवर


हालांकि, दो साल पहले हिंद महासागर के बीच स्थित और भारत के पड़ोसी द्वीपीय देश मालदीव में चीन का काफी ज्यादा प्रभाव देखा जा रहा था. ऐसे में जब साल 2024 में मोहम्मद मुइज्जु की पीपुल्स नेशनल कांग्रेस पार्टी चुनाव में बहुमत हासिल कर सरकार का गठन किया, तब मालदीव की बयान में स्पष्ट रूप से एक चीन समर्थक की भाषा दिख रही है.

हालांकि, दो साल पहले हिंद महासागर के बीच स्थित और भारत के पड़ोसी द्वीपीय देश मालदीव में चीन का काफी ज्यादा प्रभाव देखा जा रहा था. ऐसे में जब साल 2024 में मोहम्मद मुइज्जु की पीपुल्स नेशनल कांग्रेस पार्टी चुनाव में बहुमत हासिल कर सरकार का गठन किया, तब मालदीव की बयान में स्पष्ट रूप से एक चीन समर्थक की भाषा दिख रही है.

मोहम्मद मुइज्जु ने मालदीव में ‘इंडिया आउट’ अभियान को जोरशोर से चलाया था और इसी अभियान के दम पर उन्होंने सत्ता भी हासिल की. सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति मुइज्जु ने अपनी पहली राजकीय यात्रा नई दिल्ली में करने के बजाए चीन की राजधानी बीजिंग में की. इस दौरान मुइज्जु सरकार के मंत्री भी लगातार भारत-विरोध टिप्पणियां कर रहे थे.

मोहम्मद मुइज्जु ने मालदीव में ‘इंडिया आउट’ अभियान को जोरशोर से चलाया था और इसी अभियान के दम पर उन्होंने सत्ता भी हासिल की. सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति मुइज्जु ने अपनी पहली राजकीय यात्रा नई दिल्ली में करने के बजाए चीन की राजधानी बीजिंग में की. इस दौरान मुइज्जु सरकार के मंत्री भी लगातार भारत-विरोध टिप्पणियां कर रहे थे.

क्या था इंडिया आउट अभियान? साल 2023 के संसदीय चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा था, भारतीय सैनिकों को मालदीव से वापस भेजना. ‘भारत पहले’ की नीति से हटकर मोहम्मद मुइज्जु ने वादा किया था कि वह सत्ता में आने के बाद मालदीव में तैनात भारतीय सैनिकों को वापस भेजेंगे. इसके साथ वह यह भी सुनिश्चिच करेंगे कि मालदीव पर किसी भी तरह से भारत का कोई प्रभाव न हो.

क्या था इंडिया आउट अभियान? साल 2023 के संसदीय चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा था, भारतीय सैनिकों को मालदीव से वापस भेजना. ‘भारत पहले’ की नीति से हटकर मोहम्मद मुइज्जु ने वादा किया था कि वह सत्ता में आने के बाद मालदीव में तैनात भारतीय सैनिकों को वापस भेजेंगे. इसके साथ वह यह भी सुनिश्चिच करेंगे कि मालदीव पर किसी भी तरह से भारत का कोई प्रभाव न हो.

मालदीव में भारत विरोधी आवाज उठने पर चीन इसका फायदा उठाने की ताक में था, जिसके लिए चीन ने मालदीव को लुभाने के लिए हरसंभव कोशिश भी की. इसके बाद चीन ने मालदीव के साथ बिना किसी कीमत के गैर-घातक हथियारों के लिए एक समझौता किया, यहां तक कि चीन मालदीव के सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए भी तैयार हो गया.

मालदीव में भारत विरोधी आवाज उठने पर चीन इसका फायदा उठाने की ताक में था, जिसके लिए चीन ने मालदीव को लुभाने के लिए हरसंभव कोशिश भी की. इसके बाद चीन ने मालदीव के साथ बिना किसी कीमत के गैर-घातक हथियारों के लिए एक समझौता किया, यहां तक कि चीन मालदीव के सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए भी तैयार हो गया.

लेकिन, अब मुइज्जु सरकार के दो साल की सत्ता के बाद मालदीव चीन के लाल रंग में रंगने के बजाए भारत के तिरंगे से भरा है. मोहम्मद मुइज्जु ने प्रोटोकॉल तोड़कर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करने एयरपोर्ट पर आना भारत और मालदीव के रणनीतिक बदलाव को दिखाता है. पीएम मोदी कल शनिवार (26 जुलाई, 2025) को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भी शामिल होंगे.

लेकिन, अब मुइज्जु सरकार के दो साल की सत्ता के बाद मालदीव चीन के लाल रंग में रंगने के बजाए भारत के तिरंगे से भरा है. मोहम्मद मुइज्जु ने प्रोटोकॉल तोड़कर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करने एयरपोर्ट पर आना भारत और मालदीव के रणनीतिक बदलाव को दिखाता है. पीएम मोदी कल शनिवार (26 जुलाई, 2025) को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भी शामिल होंगे.

Published at : 25 Jul 2025 07:13 PM (IST)

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