‘इतिहास में दर्ज होगा उनका नाम’, ग्रीनलैंड को ट्रंप की ओर से धमकी पर आया रूस का रिएक्शन, भड़का चीन


ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से दिए जा रहे बयानों पर अब रूस और चीन ने प्रतिक्रिया दी है. रूस की तरफ से कहा गया है कि अगर ट्रंप ने ऐसा कदम उठाया तो उनका नाम इतिहास में दर्ज हो जाएगा. साथ ही चीन ने ट्रंप को लेकर कहा है कि उन्होंने अपने हित साधने के लिए चीन पर ‘तथाकथित चीनी खतरे’ जैसे निराधार आरोप लगाए हैं. 

रूस बोला- इतिहास में दर्ज होगा ट्रंप का नाम

रूस की तरफ से क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ट्रंप के बयानों पर कहा, ‘इंटरनेशनल एक्सपर्ट का मानना है कि ग्रीनलैंड के विलय के मुद्दे को सुलझाने से ट्रंप एक ऐतिहासिक व्यक्ति बन जाएंगे. वो इतिहास में अमर हो जाएंगे.’

रूस की TASS समाचार एजेंसी की मानें तो पेसकोव ने अपने बयान में कहा,’ग्रीनलैंड के विलय के मुद्दे को सुलझाने में ट्रंप का नाम न केवल अमेरिकी इतिहास में बल्कि दुनिया के इतिहास में दर्ज हो जाएगा.’

चीनी खतरे से जोड़ने पर बीजिंग ने जताया एतराज

इधर, चीन ने ग्रीनलैंड पर कथित चीनी खतरों से जोड़ने पर ट्रंप के बयानों का विरोध किया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने कार्यों को सही ठहराने के लिए चीनी  खतरे का हवाला देना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हम संयुक्त राज्य अमेरिका से निवेदन करते हैं कि वह अपने स्वार्थी हितों को साधने के लिए चीन से तथाकथित खतरे के बहाने के रूप में इस्तेमाल करना बंद करें. 

जर्मनी और फ्रांस बोले- ट्रंप ब्लैकमेल कर रहे 

यूरोप के देशों ने ट्रंप की उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियों की निंदा की है, जो ग्रीनलैंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति की योजनाओं का विरोध कर रहे हैं. जर्मनी और फ्रांस ने इसे ब्लैकमेल करार दिया है. यूरोपीय संघ ने अपने हालिया बयान में कहा है कि वह अपनी प्रतिक्रिया पर विचार करने के लिए एक शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा. उसका मकसद तनाव को कम कर, बातचीत करना है. वहीं, ग्रीनलैंड ने बाहरी दबाव को भी खारिज कर दिया है. वहां के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन ने कहा है कि इस इलाके को डराया नहीं जा सकता. एक लोकतांत्रिक समाज के तौर पर ग्रीनलैंड को अपने फैसले लेने का खुद अधिकार है. 

ट्रंप बोले- जबतक ग्रीनलैंड पर कंट्रोल नहीं, दुनिया सुरक्षित नहीं 

यूरोप की तरफ से ट्रंप के दावों को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है. यहां ग्रीनलैंड और नाटो सहयोगियों के बीच भी चिंता पैदा हुई है. ट्रंप ने कहा कि जबतक संयुक्त राज्य अमेरिका ग्रीनलैंड पर पूरा कंट्रोल नहीं करेगा, तबतक दुनिया सुरक्षित नहीं रहेगी. 

उन्होंने कहा कि शांति का नोबेल पुरस्कार न मिलने के  बाद अब दुनिया की शांति के बारे में सोचने पर ज्यादा मुश्किल नहीं होती. शांति अब एक प्रमुख लक्ष्य है. उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर बार-बार तर्क दिया है कि ग्रीनलैंड अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. हालांकि, वहां पर अमेरिकी सैना तैनात है. साथ ही डेनमार्क से रक्षा समझौते भी हैं. 



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