इमरान खान की सेहत पर पाकिस्तान में बवाल: सड़कों पर उतरी PTI, सरकार ने झुकाया सिर, अस्पताल में भर्ती करने का फैसला


Imran Khan Health: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है. उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के कार्यकर्ता इस्लामाबाद, कराची, स्वाबी और अटॉक में सड़कों पर उतर आए हैं . मांग की जा रही है कि इमरान खान को जेल से निकालकर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाए.

इस्लामाबाद और कराची में रातभर प्रदर्शन

रात सात बजे से कार्यकर्ता अलग-अलग शहरों में धरने पर बैठे हैं और सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. इस्लामाबाद–रावलपिंडी मार्ग पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया. कराची में भी बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतरे और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तथा सेना प्रमुख आसिम मुनीर के खिलाफ नारे लगाए.

अटॉक में प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद को खैबर पख्तूनख्वाह से जोड़ने वाले पुल को बंद कर दिया. इस्लामाबाद में आगा खान मार्ग पर खैबर पख्तूनख्वाह भवन के सामने पार्टी नेता और कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर भी प्रदर्शन में शामिल हुए.

आंख की बीमारी कैसे बढ़ी

सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर से इमरान खान की दाहिनी आंख में धुंधलापन शुरू हुआ था. बताया जा रहा है कि जेल में उच्च रक्तचाप का सही इलाज न होने से समस्या बढ़ी. कई महीनों तक उनका रक्तचाप सामान्य से अधिक रहा, लेकिन दवाओं में जरूरी बदलाव नहीं किया गया. नवंबर में आंख से कम दिखने की शिकायत के बाद भी उन्हें बेहतर जांच के लिए अस्पताल नहीं ले जाया गया. शुरुआत में केवल आंखों में डालने की दवा दी गई . जनवरी में जब दाहिनी आंख से लगभग दिखना बंद हो गया, तब उन्नत उपकरण जेल लाए गए . जांच में केंद्रीय रेटिना शिरा अवरोध नाम की गंभीर बीमारी सामने आई.

अस्पताल ले जाने में देरी पर सवाल

विशेषज्ञों ने सलाह दी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाए, लेकिन अनुमति मिलने में देरी हुई. बाद में उन्हें इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान चिकित्सा विज्ञान संस्थान ले जाया गया, जहां आंख में विशेष इंजेक्शन दिया गया और फिर वापस जेल भेज दिया गया.

चिकित्सकों ने संक्रमण के खतरे की आशंका जताई थी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी थी. इसके बावजूद उन्हें जेल की कोठरी में ही रखा गया. बाद में संस्थान ने बयान जारी कर बीमारी की पुष्टि की, लेकिन आंख की रोशनी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.

अदालत के आदेश के बाद सरकार सक्रिय

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सरकार ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की नई टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू की है. जानकारी के अनुसार, रावलपिंडी स्थित अल शिफा नेत्र अस्पताल के डॉ मोहम्मद अमजद और डॉ नदीम कुरैशी को टीम में शामिल किया गया है. पार्टी के वकील सलमान सफदर ने मुलाकात के बाद बताया कि इमरान खान को दाहिनी आंख से बहुत कम दिखाई दे रहा है और आंख से लगातार पानी आ रहा है. अदालत ने सरकार को तय समय सीमा के भीतर इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.



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