ईरान-अमेरिका इस्लामाबाद वार्ता पर आतंकी हमले की साजिश! ISI के फूले हाथ-पांव, पाकिस्तान में बड़ी बैठक


पाकिस्तान में शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) शुरू हो रही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से पहले यूएस खुफिया सर्विसेज के 23 अधिकारी इस्लामाबाद पहुच चुके हैं. ये अधिकारी पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता करने के लिए पहुंचने वाले अमेरिकी दल जिसका नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे उसकी सुरक्षा व्यवस्था देखने का काम करेंगे. अमेरिकी दल में जेडी वेंस के अलावा स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं.

US खुफिया एजेंसी और ISI की बड़ी बैठक

सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा जिम्मेदारी संभालने के लिए पहुंची अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज का दल 9 अप्रैल को इस्लामाबाद में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ भी भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे बैठक कर रहा है. ISI की तरफ से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की बैठक में मेजर जनरल फैसल नसीर और उनकी टीम रहेगी जो अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज के अधिकारियों को जेडी वेंस के इस्लामाबाद पहुंचने के बाद पाकिस्तानी सेना और ISI की सुरक्षा व्यवस्था पर ब्रीफ करेगी. साथ ही जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा की घोषणा के बाद आई लीड्स और थ्रेट्स के बारे में बताएगी.

इस्लामाबाद को अभेद किले में तब्दील बदला

ईरान और अमेरिका की प्रस्तावित बातचीत से पहले पूरे इस्लामाबाद को अभेद किले में तब्दील कर दिया गया है. इस्लामाबाद पुलिस के अलावा पाकिस्तानी सेना भी हाईवे और सड़कों पर तैनात हैं. रेड जोन की सुरक्षा की कमान पाकिस्तानी सेना की X कोर ने संभाल रखी है. इसके अलावा अन्य शहरों को इस्लामाबाद से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे दो दिन के लिये पूरी तरह बंद हैं. इस्लामाबाद के रेड जोन में किसी भी आम नागरिक के जाने पर पाबंदी लगी हुई है साथ ही मुरी रोड और फैजाबाद रोड भी जगह जगह बंद कर दी गई है.

इस्लामाबाद वार्ता पर आतंकी हमले का डर

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान और अमेरिकी की खुफिया एजेंसी को डर है कि कहीं अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के समय तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) या फिर जनैबुइयोन ब्रिगेड (लश्कर ए जैनब) किसी बड़े हमले को अंजाम ना दे दे इसी वजह से आज अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज की टीम ISI के अधिकारियों से मिली. इसके अलावा पाकिस्तान के भीतर शिया समुदाय ईरान युद्ध के समय अमेरिका के खिलाफ सड़कों पर विरोध कर रहा था पुतले जला रहा था.

ऐसे में इस बात के भी कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं इस्लामाबाद या फिर अन्य शहरों में उस समय अमेरिकी विरोधी प्रदर्शन ना हो इस वजह से अमेरिका की पाकिस्तान में चार्ज डी अफेयर्स नतालिया बेकर ने भी पाकिस्तानी गृहमंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात की थी. नकवी ने आश्वासन दिया था कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जब तक इस्लामाबाद में रहेगा तब तक कोई भी अमेरिकी विरोधी प्रदर्शन पूरे पाकिस्तान में नहीं होगा.

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