ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नेवी ने दावा किया है कि उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (विमानवाहक पोत) यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमला किया है, जिससे अब वो ऑपरेशन के लायक नहीं रह गया है और उसे खाड़ी क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा है.
हालांकि वॉशिंगटन ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिकी विमानवाहक पोत ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अपना योगदान जारी रखे हुए है. अमेरिकी मीडिया ने बताया कि एक ईरानी पोत विमानवाहक पोत के बहुत करीब आ गया था, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने उस पर गोलीबारी की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पोत को निशाना बनाया गया था या नहीं.
ईरान के सरकारी टीवी ने क्या बताया
ईरान के PBUH के केंद्रीय मुख्यालय ने कहा कि हाईटेक मिसाइलों और ड्रोनों की मदद से ओमान सागर में किए गए सटीक अभियान में ईरानी समुद्री सीमा से लगभग 340 किलोमीटर दूर स्थित यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत को निशाना बनाया गया. ईरान की सरकारी टीवी ने बताया कि हमले के बाद अमेरिकी जहाज और उसके साथ आए हमलावर दल को तेज गति से इलाके से भागते हुए देखा गया.
सरकारी टेलीविजन ने इस दावे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. ईरानी सेना की वैचारिक शाखा गार्ड्स ने पहले भी लिंकन पर हमला करने का आरोप लगाया था, लेकिन पेंटागन ने उस समय कहा था कि लॉन्च की गई मिसाइलें इसके पास तक भी नहीं पहुंचीं.
The Abraham Lincoln Carrier Strike Group continues to support Operation Epic Fury and project power from the sea. pic.twitter.com/2o7krBUp70
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 12, 2026
CENTCOM ने जारी की तस्वीर
ईरानी रिपोर्टों के सामने आने के तुरंत बाद अमेरिका ने उन्हें खारिज कर दिया. अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने अमेरिकी युद्धपोत की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा, “अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का समर्थन करना और समुद्र से शक्ति प्रदर्शन करना जारी रखेगा.”
सीबीएस न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी नौसेना के एक पोत ने ईरानी पोत पर 5 इंच, 54 कैलिबर मार्क 45 तोप से गोलीबारी करने का प्रयास किया. हालांकि ये तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस नौसैनिक पोत ने ईरानी जहाज पर गोलीबारी की, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सीबीएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी हमले कई बार ईरानी जहाज को निशाना बनाने से चूक गए. यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या ये चेतावनी के तौर पर दागे गए थे. खबरों के मुताबिक, यह घटना इस सप्ताह की शुरुआत में हुई थी और ईरानी जहाज की स्थिति का अभी कुछ पता नहीं चला है.
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