यूएस-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी. गुरुवार (5 मार्च) को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में जाकर खामेनेई की मौत पर शोक जताया और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए. अब इस पर कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया है और इसे सरकार की डिप्लोमेसी फेल बताया.
क्या बोले कांग्रेस नेता?
कांग्रेस नेता शुभंकर सरकार ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्रीद्वारा ईरान के दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए जाने पर कहा, ‘सरकार की डिप्लोमेसी फेल है, जब इनकी किरकिरी होने लगी तो बाद में यह शोक सभा में चले गए जबकि कांग्रेस ने अपना स्टैंड पहले ही क्लियर कर दिया था.’
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जताया था शोक
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारत सरकार की ओर से ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर शोक जताया था. मिसरी गुरुवार (5 मार्च) को नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास गए और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की.
28 फरवरी को हुई थी खामेनेई मौत
गौरतलब है कि अमेरिकी-इजरायली संयुक्त सैन्य कार्रवाई में 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इस अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया था. खामेनेई के निधन के बाद ईरान में 40 दिन के शोक की घोषणा की गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उनके मारे जाने की घोषणा की थी, इसके बार ईरान की सरकारी मीडिया ने भी इसकी पुष्टि की.
सुपुर्दे-खाक का कार्यक्रम टला
वहीं, खामेनेई को अब तक सुपुर्दे खाक नहीं किया गया है, शोक समारोह को ऐन वक्त पर टाल दिया गया. आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं लेकिन अब तक अंतिम संस्कार न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. उनके पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में रखने के इंतजाम किए जा रहे हैं. यह वही जगह है, जहां बड़े धार्मिक और राष्ट्रीय आयोजन होते हैं. गौरतलब है कि खामेनेई ईरान का बड़ा धार्मिक और राजनीतिक चेहरा थे.