ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यूएस ने मिडिल ईस्ट में सैन्य जमावड़ा बढ़ाया है. अमेरिका के जल्द सैन्य कार्रवाई शुरू करने की अटकलें लगाई जा रही हैं. इन सब के बीच व्हाइट हाउस का एक बयान सामने आया है, जिसने ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति आखिर क्या है, इसके बारे में साफ किया गया है.
क्या बोलीं व्हाइट की प्रवक्ता?
रॉयटर्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने मंगलवार (24 फरवरी) को बताया, ‘डोनाल्ड ट्रम्प का पहला विकल्प हमेशा कूटनीति ही होता है, लेकिन जैसा कि उन्होंने दिखाया है, जरूरत पड़ने पर वे अमेरिकी सेना की घातक शक्ति का प्रयोग करने को भी तैयार हैं. यहां आखिरी फैसला लेने वाले हमेशा राष्ट्रपति ही होते हैं.’
अमेरिका के विदेश विभागके मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (मंगलवार) को व्हाइट हाउस में गैंग ऑफ एट कहे जाने वाले कांग्रेस के टॉप लीडर्स को ईरान के मुद्दे पर जानकारी देंगे. मामले से परिचित एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि रुबियो ईरान के मुद्दे पर सांसदों को जानकारी देंगे.
बता दें कि अमेरिका ने ईरान पर हमलों की आशंका के बीच ईरान के पास बड़ा नौसैनिक बल को तैनात किया है. इससे पहले 19 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को अल्टीमेटम दिया था कि अगले 10 से 15 दिन के भीतर या तो वह समझौता करे, वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे. रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप मंगलवार रात अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर किए जाने वाले संभावित हमलों का जिक्र कर सकते हैं.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर यूएस के संभावित हमला करने की अटकलों को खारिज किया था. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘फेक न्यूज मीडिया में कई कहानियां चल रही हैं जिनमें कहा जा रहा है कि जनरल डेनियल केन, जिन्हें कभी-कभी रजीन भी कहा जाता है, ईरान के साथ हमारे युद्ध के खिलाफ हैं.’ उन्होंने इस रिपोर्टिंग को 100 फीसदी गलत बताया.
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