अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग का आज (28 मार्च) को 29वां दिन है. शांति की पहलों के बीच शनिवार को भी दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले जारी रहे. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दुश्मनों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने वाले देशों को चेताया. तेहरान की ओर से कुवैत और दुबई पर हमले किए गए. वहीं अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यूएस ने ईरान में अपने ज्यादातर मिलिट्री टारगेट हासिल कर लिए हैं.
ईरान जंग पर क्या बोले जेडी वेंस?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा, यूएस ने ईरान में अपने ज्यादातर सैन्य टारगेट को हासिल कर लिया है, लेकिन तेहरान की परमाणु योजनाओं को लंबे समय तक निष्क्रिय करने के लिए वह अपना अभियान थोड़े समय के लिए जारी रखेगा. एक पॉडकास्ट में वेंस ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ युद्ध बहुत ज्यादा दिनों तक खींचने का इरादा नहीं है. जैसे ही ईरान अपने सैन्य लक्ष्य प्राप्त कर लेगा, वे वहां से चले जाएंगे.
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान की चेतावनी
रान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दावा किया है कि वो अमेरिका-इजरायल की ओर से हो रही हर कार्रवाई का पूरी ताकत से जवाब देंगे. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा, युद्ध की पहल ईरान नहीं करता लेकिन अगर उस पर आक्रमण किया जाता है तो वो फिर पीछे हटता भी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो जोरदार जवाब दिया जाएगा. उन्होंने क्षेत्र के अन्य देशों को भी आगाह करते हुए लिखा कि अगर वे विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो अपने देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के दुश्मनों को युद्ध के लिए न करने दें.
दुबई में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने का दावा
ईरान की ओर से दावा किया गया है कि उसने दुबई में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया. ईरान की मिलिट्री यूनिट के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी के मुताबिक, ईरानी सेना ने मिसाइल और ड्रोन से दो जगहों पर हमला किया, जहां 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद थे. उनके अनुसार इन हमलों में भारी नुकसान हुआ. ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले ही अपने ठिकानों से भागकर छिप रही है. हालांकि, ईरान के इन दावों की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.
कुवैत में अमेरिकी सैनिकों को मार गिराने का दावा
ईरान के नौसैनिकों ने दावा किया है कि उन्होंने कुवैत के शुवैख बंदरगाह पर स्थित छह अमेरिकी लैंडिंग क्राफ्ट पर ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत हमला किया और इस दौरान बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को मार गिराया.
इराक में ड्रोन से हमला
इराक के रक्षा मंत्रालय ने ऑयलफील्ड में गिरे ड्रोन की जानकारी दी है. विभाग ने बताया कि दक्षिणी हिस्से में स्थित मजनून ऑयलफील्ड में एक ड्रोन गिर गया, लेकिन वह फटा नहीं, जिससे बड़ा नुकसान टल गया. इराक के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. मजनून ऑयलफील्ड इराक के सबसे अहम तेल क्षेत्रों में से एक है.
शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की. शरीफ ने इजरायल के ईरान पर किए जा रहे हमलों की निंदा की और ईरान के लोगों के प्रति पाकिस्तान की एकजुटता व्यक्त की. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति को संवाद और तनाव कम करने के लिए अमेरिका और मित्रवत खाड़ी और इस्लामी देशों के साथ पाकिस्तान के चल रहे राजनयिक प्रयासों के बारे में बताया.
F-16 मार गिराने का दावा
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उन्होंने अमेरिका के एक और F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है. इससे पहले भी ईरान ने दावा किया था कि उसने F-35 और F-15 फाइटर जेट्स को टारगेट किया है. हालांकि, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया था.