‘ईरान वॉर से बढ़ा परमाणु खतरा’, अमेरिका को रूस ने घेरा, लगाए ये गंभीर आरोप


मिडिल ईस्ट जारी जंग के 31वें दिन ईरान ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर जमकर बमबारी की. ईरान ने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक उनकी जमीन पर उतरे तो वह वापस नहीं जाएंगे. इस बीच रूस एक बार फिर खुलकर ईरान के समर्थन में आया है. रूसी विदेश मंत्री रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार (31 मार्च 2026) को कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरान को नार्मल नहीं देख सकते हैं.

ईरान वॉर से बढ़ा परमाणु खतरा: रूस

रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने ये भी कहा कि ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले से क्षेत्र में परमाणु सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि यह ईरान और उसके पड़ोसी देशों को परमाणु हथियार विकसित करने के लिए उकसा कर सकता है. सर्गेई लावरोव ने कहा कि ईरान युद्ध बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने कहा कि ईरान और वेनेजुएला में अमेरिका इसलिए सत्ता परिवर्तन कराना चाह रह है ताकि वहां के तेल पर नियंत्रण हासिल कर पाए.

ट्रंप की ईरान को चेतावनी

रूस का बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ईरान में जमीन पर अपने सैनिक उतारकर ग्राउंड ऑपरेशन करने की धमकी दे रहा है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर शिकंजा कसकर इस युद्ध को दुनिया के लिए खर्चील बना दिया, जिसका नतीजा ये है कि कई देशों में ईंधन की कमी होने लगी. वहीं ट्रंप बार-बार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलने पर जोरदार हमले की चेतावनी दे रहे हैं.  ट्रंप की धमकी को लेकर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी सेना हमेशा कानून का पालन करेगी.

मिडिल ईस्ट संकट पर भारत-रूस ने की चर्चा

भारत और रूस ने पश्चिम एशिया संकट तथा इसके आर्थिक नतीजों के मद्देनजर अपनी रणनीतिक साझेदारी को और विस्तार देने के तरीकों पर सोमवार को चर्चा किया था. पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का मुद्दा रूसी उप विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको की नयी दिल्ली में हुई बैठकों में प्रमुखता से उठा. विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी उनकी बैठक हुई.

ये भी पढ़ें : सहयोगियों का छूटा साथ, घर में विरोध और कमजोर समझने की भूल… ईरान वॉर में कूदे ट्रंप ने कर दी ये 4 बड़ी गलती



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *