Iran War: ईरान वॉर को लेकर पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बड़ा दावा किया है, जिसमें कहा गया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी नेताओं के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद आने को दो बार तैयार थे, लेकिन ईरान ने आखिरी समय पर वार्ता से पीछे हटने का फैसला किया. रिपोर्ट के मुताबिक, पहले ईरान ने आंतरिक विचार-विमर्श का हवाला देते हुए समय मांगा और बाद में बातचीत में शामिल होने से ही इनकार कर दिया.
शांति वार्ता में पाक को झटका
यह दावा उस समय सामने आया जब पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वरिष्ठ पत्रकारों को ब्रीफिंग दी. अखबार ने एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से लिखा कि पिछले दस दिनों में पाकिस्तान दो बार अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी के बेहद करीब था, लेकिन दोनों ही बार तेहरान ने अपनी टीम नहीं भेजी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार था, जबकि पाकिस्तान इस रुख से निराश है.
रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले भी पाकिस्तान ने उच्च स्तर पर कूटनीतिक प्रयास किए थे. इसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर तेहरान जाकर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई से मिलने के लिए तैयार थे, हालांकि हालात बदलने के कारण यह संभव नहीं हो सका.
ईरान का बातचीत से इनकार
इसके अलावा 19 मार्च को Riyadh में हुई एक अहम बैठक का भी जिक्र किया गया, जहां 12 मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की. रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने तुर्किये और पाकिस्तान से अपील की थी कि संयुक्त बयान में ईरान के खिलाफ एकतरफा भाषा न अपनाई जाए. पाकिस्तान ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी बयान में इजरायल की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
यह रिपोर्ट संकेत देती है कि पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें जारी थीं, लेकिन आपसी अविश्वास और राजनीतिक मतभेदों के कारण अब तक कोई ठोस वार्ता संभव नहीं हो सकी है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है, इसलिए इन्हें सावधानी से देखने की जरूरत है.