उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत पर क्या बोला पाकिस्तान? जानें


भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार (5 जनवरी 2025) को पूर्व छात्र नेता उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया. इस फैसले के सामने आने के बाद पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की मीडिया पर भी खबर को लेकर चर्चा शुरू हो गई. इस मुद्दे को पाकिस्तानी अखबार द डॉन ने प्रमुखता से छापा है. उसने लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लंबे समय तक जेल में रहना अपने आप में जमानत का आधार नहीं हो सकता. उमर खालिद पिछले पांच साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं और उन पर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने का आरोप है.’

38 वर्षीय उमर खालिद को सितंबर 2020 में UAPA (कड़े आतंकवाद विरोधी कानून) के तहत गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार हिरासत में हैं, हालांकि उन्हें कुछ समय के लिए पारिवारिक शादियों में शामिल होने की अनुमति मिली थी.

दिल्ली दंगों से जुड़ा है मामला

यह मामला फरवरी 2020 के दिल्ली सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी. पुलिस का आरोप है कि उमर खालिद ने दंगों से पहले भड़काऊ भाषण दिए और हिंसा की साजिश में शामिल थे. उमर खालिद पर कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में छात्र नेता शारजील इमाम को भी जमानत देने से इनकार कर दिया. हालांकि कोर्ट ने इसी केस के 5 अन्य आरोपियों को जमानत दे दी है.

मानवाधिकार संगठनों की नाराजगी

उमर खालिद का मामला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के लिए भी चिंता का विषय रहा है. एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत 7 संगठनों ने सितंबर में उनके समर्थन में बयान जारी कर उनकी रिहाई की मांग की थी. एमनेस्टी ने कहा था कि उमर खालिद की लंबी कैद भारत में न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के खिलाफ है.

CAA विरोध प्रदर्शन से भी जुड़ाव

उमर खालिद की गिरफ्तारी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए बड़े प्रदर्शनों के कुछ महीनों बाद हुई थी. 2019 में लाया गया यह कानून तीन पड़ोसी देशों के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने में सहूलियत देता है, लेकिन मुसलमानों को इससे बाहर रखता है. 2022 में उमर खालिद ने जेल से एक खुला पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमें सालों तक जेल में रखा जा सकता है, बिना यह साबित किए कि हमने कोई अपराध किया है.

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