वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष और सीईओ बोर्गे ब्रेंडे ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह फैसला यौन शोषण मामले में अमेरिकी अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में उनके नाम का जिक्र होने के बाद लिया गया है. एपस्टीन फाइल में नाम सामने आने के बाद से ही दुनिया के कई देशों में हड़कंप मचा हुआ है. साल 2017 में ब्रेंडे WEF के सीईओ बने. उन पर आरोप है कि उन्होंने एपस्टीन के साथ 3 बिजनेस डिनर किए थे. इसके अलावा एपस्टीन से ईमेल और टेक्स्ट के जरिए बातचीत भी की गई थी.
इस्तीफा देने के दौरान ब्रेंडे ने क्या कहा?
ब्रेंडे ने अपने इस्तीफे के फैसले को लेकर कहा कि बहुत सोच विचार के बाद मैंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष पद और सीईओ के पद को छोड़ने का फैसला किया है. यहां मेरा आठ साल का समय बहुत अच्छा रहा. नार्वे के पूर्व विदेश मंत्री रह चुके ब्रेंडे ने कहा कि मैंने अपने सहकर्मियों, पार्टनर्स और अन्य लोगों के शानदार सहयोग के लिए आभारी हूं. मेरा मानना है कि फोरम के बिना किसी रुकावट के अपना काम जारी रखने का समय है.
हर साल दावोस समिट कराता है वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम
हालांकि, ब्रेंडे ने अपने बयान में एपस्टीन का जिक्र नहीं किया. WEF के कोच चेयर आंद्रे हॉफमैन और लैरी फिंक ने कहा कि ब्रेंडे के एपस्टीन के साथ रिश्तों को लेकर वकील द्वारा की गई इंडिपेंडेंट रिव्यू पूरी हो चुकी है. ब्रेंडे की जगह एलोइस ज्विंगगी अंतरिम अध्यक्ष और सीईओ के तौर पर काम करेंगे. WEF सलाना दावोस समिट आयोजित करता है. इस समिट में दुनियाभर के राजनीतिक और बिजनेस लीडर्स साथ आते हैं.
क्या है एपस्टीन फाइल्स?
एपस्टीन फाइल्स एक लाखों दस्वावेजों का एक पुलिंदा है. यह यौन शोषण के आरोपी जेफरी एपस्टीन की करतूतों का काला चिट्ठा है. इसमें फोटो, वीडियो और ईमेल का एक आंशिक रूप से जारी किया संग्रह है. इसमें अमेरिकी फाइनेंसर और दोषी बाल यौन शोषण अपराधी जेफरी एपस्टीन की गतिविधियों की जानकारी दर्ज है. इसमें सार्वजनिक हस्तियों, राजनेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम भी सामने आए हैं.