न्यूजीलैंड में साल 2026 का आगाज हो चुका है. ऑकलैंड स्थित सबसे ऊंची बिल्डिंग ‘स्काई टॉवर’ से भव्य आतिशबाजी प्रदर्शन के साथ न्यूजीलैंड ने नए साल का स्वागत किया है. नए साल का स्वागत करने वाला पहला प्रमुख शहर होने के नाते ऑकलैंड के करीब 17 लाख निवासियों ने 240 मीटर (787 फीट) ऊंचे स्काई टॉवर से दागे गए 3,500 आतिशबाजियों का नजारा देखा. हालांकि, ऑकलैंड में बारिश होने के कारण जश्न कुछ हद तक फीका रहा. बारिश और संभावित आंधी-तूफान की चेतावनी के चलते नॉर्थ आइलैंड में कई छोटे लोकल कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया.
2026 का जश्न मनाने वाला दुनिया का पहला स्थान
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पैसिफिक देश किरिबाती का हिस्सा किरितिमाती द्वीप दुनिया का वो पहला स्थान है, जहां नए साल का आगाज हुआ. UTC+14 टाइम जोन में स्थित यह द्वीप क्रिसमस आइलैंड के नाम से भी जाना जाता है.
Auckland kicks off 2026 celebrations with fireworks display launched from New Zealand’s tallest structure, Sky Tower. pic.twitter.com/9UcQ0DDrUH
— The Associated Press (@AP) December 31, 2025
वहीं, इंडोनेशिया में भी नए साल के आयोजनों को सीमित रखा गया. इसका कारण पिछले महीने सुमात्रा में आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं थीं, जिनमें 1,100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी. ऐसे में राजधानी जकार्ता में पीड़ितों के लिए प्रार्थनाओं पर केंद्रित सादे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि मकास्सर के मेयर ने नागरिकों से पार्टियों से दूर रहने और संवेदना दिखाने की अपील की. जबकि बाली में आतिशबाजी के शो रद्द कर उनकी जगह पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कि गए.
सिडनी में शोकपूर्ण हुआ नए साल का आगाज
वहीं, तस्मान सागर के पार सिडनी में साल 2026 की शुरुआत गंभीर और शोकपूर्ण माहौल में हुआ. ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में 14 दिसंबर, 2025 को बॉन्डी बीच पर हनुक्का पर्व के दौरान हुई सामूहिक गोलीबारी की घटना का असर अब भी बना हुआ था, जिसमें कुल 15 लोगों की मौत और 40 लोग घायल हुए थे. हालांकि, इस भीषण घटना के बावजूद, हजारों लोग सिडनी हार्बर ब्रिज पर होने वाली आतिशबाजी देखने के लिए डाउनटाउन वॉटरफ्रंट पर जुटे. इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे.
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार किसी नए साल के आयोजन में पुलिसकर्मी रैपिड-फायर राइफलों के साथ तैनात किए गए. पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आधी रात से एक घंटे पहले एक मिनट का मौन रखा गया. इसके अलावा, पुल के खंभों पर मेनोरा की छवियां प्रोजेक्ट की गईं और उपस्थित लोगों से ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने के लिए अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाने की अपील की गई.
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