ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार का राज्यसभा में जवाब, कहा- ‘पाकिस्तान ने की थी सीजफायर की गुजारिश’


केंद्र सरकार ने गुरुवार (24 जुलाई, 2025) को राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद के सवाल पर स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था और सीजफायर का निर्णय किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं, बल्कि पाकिस्तान की गुजारिश पर किया गया था.

समाजवादी पार्टी सांसद रामजी लाल सुमन ने राज्यसभा में सवाल पूछा था कि क्या यह सच है कि ऑपरेशन सिंदूर की घोषणा अंतरराष्ट्रीय दबाव में की गई थी और अचानक सीजफायर की घोषणा से सेना का मनोबल गिरा है, जबकि ऑपरेशन में बड़ी सफलताएं मिल रही थी.

साफ, सटीक और गैर-उत्तेजक सैन्य कार्रवाई

इसके जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लिखित जवाब दिया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की साफ, सटीक और गैर-उत्तेजक सैन्य कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य सीमापार आतंकवाद को समर्थन देने वाले ढांचे को तबाह करना और आतंकियों को भारत में प्रवेश से पहले ही खत्म करना था. 

साथ ही सरकार ने बताया कि जहां भारत की कार्रवाई नपी तुली और हालात को बिगाड़ने वाली नहीं थी. वहीं पाकिस्तान ने न केवल सैन्य ठिकानों को, बल्कि भारतीय नागरिक क्षेत्रों को भी निशाना बनाने की कोशिश की, जिसके जवाब में भारतीय सेना ने मजबूत और निर्णायक जवाब दिया, जिससे पाकिस्तानी सेना को बड़ा नुकसान हुआ.

पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ने की थी सिफारिश

विदेश राज्य मंत्री के जवाब के मुताबिक, 10 मई 2025 को पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारतीय समकक्ष अधिकारी यानी भारतीय DGMO से संपर्क कर सैन्य कार्रवाई को रोकने और सीजफायर की गुजारिश की थी, जिस पर विचार करने के बाद भारत ने सीजफायर की सहमति दी थी.

ऑपरेशन सिंदूर में भारत की कार्रवाई

बताते चलें 7 मई को भारत ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित कुल 9 आतंकी अड्डों को निशाना बनाया था, जिसमें लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई थी. मारे गए आतंकियों में मसूद अजहर का रिश्तेदार और कंधार प्लेन हाईजैक का आरोपी यूसुफ अजहर और जैश ए मोहम्मद के बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर का प्रमुख हाफिज मोहम्मद जमील भी शामिल था. 

इसके अलावा चार दिन तक चले संघर्ष में भारत ने पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस, भोलेरी एयरबेस, सरगोधा एयरबेस सहित कुल 13 एयरबेस पर भी स्ट्राइक करके ना सिर्फ उन्हें निष्क्रिय किया था, बल्कि पाकिस्तान का रहीम यार खान एयरबेस आज स्ट्राइक के ढाई महीने बाद भी उपयोग में नहीं है.

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