ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने जिन PL15 मिसाइलों को दागा, वो हो गईं फुस, अब चीन ने चुपचाप शुरू की पड़ताल


ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने जिन चीनी मिसाइलों की बदौलत भारत को गीदड़भभकी दी थी, उनकी असलियत उस समय सामने आई, जब लाहौर से पंजाब की ओर दागी गईं PL-15E मिसाइलों का मलबा मिला. चीन जिन्हें अपनी सबसे खतरनाक एयर टू एयर मिसाइलें बताता है, वो दागे जाने के बाद विस्फोट भी नहीं हुईं. उनका मलबा मिलने के बाद ड्रैगन को डर सता रहा है कि कहीं इसका असर डिफेंस मार्केट पर न पड़ जाए और उसकी मिसाइलों को कोई दूसरा ग्राहक ही न मिले. इसको देखते हुए उसने चुपचाप PL-15E मिसाइलों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. 

चीन ने PL-15E मिसाइलों के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक टेक्निकल जांच शुरू कर दी है. मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमले में भारतीय सुरक्षाबलों ने कई चीन में बनी PL-15E एयर टू एयर मिसाइल बरामद की थी. यह सही हालत में खेतों में से बरामद की गई थीं. इंटेलिजेंस असेसमेंट में पता चला कि ये पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) की ओर से दागे गए एडवांस्ड हथियार हैं. ये भी सामने आया है कि प्रॉक्सिमिटी फ्यूज और सेल्फ डिस्ट्रक्ट मैकेनिज्म में खराबी के चलते ये मिसाइलें अपने टारगेट तक भी नहीं पहुंच पाईं. 

 PL-15 मिसाइलों ने बढ़ाई चीन की टेंशन!

इन सलामत मिसाइलों की रिकवरी ने चाइना एयरबोर्न मिसाइल एकेडमी की चिंताएं बढ़ा दी हैं. यह सभी हथियार P-15 सीरीज के हथियार हैं. defence.in वेबसाइट के मुताबिक, CAMA की टेक्निकल टीमों को युद्ध के तुरंत बाद पाकिस्तान भेजा गया. इसमें 240 बचे हुए PL-15E मिसाइलों के स्टॉक ऑडिट किया. चीन ने पाकिस्तान को ये हथियार 2021 में हुई एक बड़ी डिफेंस डील के बाद भेजे थे. 

इस मामले में जांच का पूरा फोकस मिसाइलों के टर्मिनल फेज एक्सप्लोसिव पर रखा गया. आखिर मिसाइलें विस्फोट क्यों नहीं कर सकीं? एक मिसाइल के सीरियल नंबर से पता चला है कि 2015 के आसपास इसे बनाया गया था. इसमें कुछ पुराने प्रोडक्शन बैच के हथियार थे.

कितनी खतरनाक है चीन की PL-15E मिसाइलें?

यह चीनी मिसाइल है. जो लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल PL-15 का एक्सपोर्ट वर्जन है. इसकी रेंज 145 किमी के आसपास मानी जाती है. जो खराबी निकल कर आई है, उसमें मिसाइल का गाइडेंस सिस्टम और फ्यूजिंग सिस्टम शामिल है. बरामद मिसाइलें होशियारपुर के खेत में पाए गए हैं. 

ऑपरेशन सिंदूर में अपनी खामियों को छिपाने के लिए पाकिस्तान ने दावा किया था कि PL-15E मिसाइलों ने राफेल और सुखोई समेत भारतीय वायुसेना के जेट विमानों को मार गिराया था. इस दावे को भारतीय रक्षा अधिकारियों ने पूरी तरह गलत बताया था. वहीं, इन मिसाइलों के मिलने से भारत के इंटेलिजेंस को काफी डाटा हासिल करने में मदद मिलेगी. 



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