सऊदी अरब के साथ हुई म्युचुअल डिफेंस डील पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का कहना है कि भविष्य में इस डील में और अरब देश भी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर अरब देश ऐसा सोचते हैं तो उनके लिए दरवाजे खुले हैं.
आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार ख्वाजा आसिफ ने और अरब देशों के इस समझौते में शामिल होने की संभावना पर एक सवाल के जवाब में कहा, ‘मैं इसका अभी जवाब नहीं दे सकता लेकिन इतना अवश्य कहूंगा कि दरवाजे बंद नहीं हैं.’ बीते मंगलवार को जियो न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि वह हमेशा से नाटो जैसे समझौते की वकालत करते रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तान के लिए खतरे की स्थिति अधिक रही है.
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस समझौते में ऐसी कोई धारा नहीं है जो किसी अन्य राष्ट्र को शामिल होने से रोकती हो या पाकिस्तान को किसी और के साथ ऐसा ही समझौता करने से रोकती हो. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि यहां के देशों और लोगों, विशेष रूप से मुस्लिम आबादी का यह मौलिक अधिकार है कि वे मिलकर अपने क्षेत्र और मुल्कों की रक्षा करें.’
ख्वाजा आसिफ से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान की परमाणु संपत्ति भी इस समझौते के तहत उपलब्ध होगी? इस पर उन्होंने कहा, ‘हमारे पास जो क्षमताएं हैं, वे निश्चित रूप से इस समझौते के अंतर्गत उपलब्ध होंगी.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा अपनी परमाणु सुविधाएं निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराई हैं और कभी कोई उल्लंघन नहीं किया.
ख्वाजा आसिफ से पूछा गया कि क्या किसी एक देश पर हमला होने पर दूसरा देश उसकी रक्षा में शामिल होगा तो उन्होंने कहा कि हां बिल्कुल होगा इसमें कोई शक नहीं है. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यह कोई आक्रामक समझौता नहीं बल्कि नाटो जैसी एक रक्षात्मक व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से सऊदी की फोर्स को ट्रेनिंग देता रहा है और हालिया घटनाक्रम सिर्फ उसका औपचारिक विस्तार है. पाक रक्षा मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान की बड़ी सैन्य और वायु सेना की टुकड़ी दशकों से सऊदी अरब में मौजूद रही है.