डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से बातचीत करने वाले नेताओं को अलग और बहुत ही अजीब बताया है. यूएस प्रेसिडेंट ने दावा किया है कि वे हमसे समझौता करने की भीख मांग रहे हैं, जो उन्हें करना ही चाहिए क्योंकि वे सैन्य रूप से पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और उनकी वापसी की कोई संभावना नहीं है.
ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘वे सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि वे केवल हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. ये गलत है. उन्हें जल्द ही गंभीरता दिखानी चाहिए. इससे पहले कि बहुत देर हो जाए क्योंकि एक बार ऐसा हो गया तो फिर पीछे मुड़ना संभव नहीं होगा और परिणाम अच्छे नहीं होंगे.’
ट्रंप ने NATO को पागल बताया
ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर नाटो को पागल राष्ट्र बताया और कहा कि ईरान के साथ जंग में उन्होंने अमेरिकी की मदद करने के लिए कुछ भी नहीं किया. उन्होंने ईरान जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति को लेकर नाटो सहयोगियों पर कई बार निशाना साधा है. पिछले 2-3 दिन दिनों से ट्रंप बार-बार शांति वार्ता की बात कह रहे हैं, जबकि ईरान ने हर बार कहा है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई बात नहीं हो रही है और जंग तेहरान की शर्तों पर खत्म होगी.
ट्रंप के समझौते के बदले ईरान ने रखी शर्तें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में युद्ध में जीत का दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमत हो गया है और उसने होर्मुज ऑफ होर्मुज से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सौगात भेजी है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने उनके 15-सूत्रीय समझौतों में से कई पर राजी हो गया है. तो वहीं ईरान ने इसके बदले अपनी 5 शर्तें रख दी.
व्हाइट हाउस 25 मार्च को बयान जारी कर कहा कि अगर ईरान मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता नहीं करता, तो अमेरिका उस पर भयंकर हमला कर सकता है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘ट्रंप सिर्फ धमकियां नहीं देते, बल्कि वो असल में तबाही मचाने के लिए तैयार हैं.’
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