‘किसी बाहरी ताकत के कंट्रोल में नहीं वेनेजुएला’, ट्रंप की वॉर्निंग के बीच भड़कीं अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज


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वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोल्स मादुरो की गिफ्तारी के बाद से इस लैटिन अमेरिकी देश के अमेरिका से रिश्ते और भी खराब हो गए हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला को खुद वो चला रहे हैं. उन्होंने ये भी चेतावनी दी है कि अगर देश की अंतरिम सरकार की कार्यवाहक राष्ट्रपति उनका सहयोग नहीं करती हैं तो अमेरिका कार्रवाई के दूसरे दौर से भी पीछे नहीं हटेगा.

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वेनेजुएला शांति का देश है और किसी भी बाहरी शक्ति के अधीन नहीं है. उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के तुरंत लौटने की भी मांग उठाई है, जो फिलहाल अमेरिकी हिरासत में हैं. रोड्रिग्ज ने कहा कि ये कोई युद्ध नहीं है क्योंकि हम युद्ध में नहीं हैं. हम पर हमला किया गया है. देश की संप्रभुता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की सरकार अपने देश की निगरानी खुद कर रही है.

7 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित
वेनेजुएला की सरकार ने अभी तक ये नहीं बताया कि अमेरिकी हमले में कुल कितने लोग मारे या घायल हुए. हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि मौतों के आंकड़े की जांच एक कमिशन करेगा. क्यूबा सरकार ने कहा कि उनके 32 नागरिक भी मारे गए और उन्होंने 2 दिनों का शोक घोषित किया है. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अमेरिका के काराकस में सैन्य हमले में मारे गए लोगों के सम्मान में 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. उन्होंने कहा कि जवान वेनेजुएला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की रक्षा करते हुए शहीद हुए और उनकी स्मृति को सम्मान देना जरूरी है.

क्यूबा के 32 सैन्य और पुलिस अधिकारियों की मौत 
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में बहुत से लोगों की जानें गई हैं. वेनेजुएला के अटॉर्नी जनरल तारेक विलियम सबा ने कहा कि कराकस में हुए ऑपरेशन में दर्जनों सुरक्षा अधिकारियों और नागरिकों की मौत हुई है. उन्होंने इसे संभावित युद्ध अपराध करार देते हुए मौतों की जांच कराने की भी मांग की है. क्यूबा ने अपने 32 सैन्य और पुलिस अधिकारियों की मौत की पुष्टि की है. वहीं अमेरिका की ओर से शामिल 200 सैनिकों में 6 सैनिक जख्मी हुए थे, जिसमें से 2 गंभीर घायल हुए थे जबकि 4 ड्यूटी पर लौट चुके हैं.

अमेरिका में अलग-अलग राय 
वॉशिंगटन पोस्ट और SSRS सर्वे के मुताबिक मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिका में भी राय बंटी हुई है. 40 फीसदी अमेरिकी लोग इसे सही मान रहे हैं और 45 फीसदी इसे गलत ठहराते हैं. वहीं 20 फीसदी लोग असमंजस में हैं. उधर मादुरो को अमेरिका ले जाने के बाद उनकी पेशी ड्रग तस्करी के मामले में हुई. अब अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी.

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