‘कोई कारण नहीं भारत जैसा दोस्त बदल जाए…’, ट्रंप की तेल न खरीदने की शर्त का रूस ने निकाला तोड़, जानें क्या कहा?


भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते पर रूस ने साफ रुख अपनाया है. रूसी अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें ऐसी कोई बड़ी वजह नहीं दिखती कि भारत ने रूस से तेल खरीदने की अपनी नीति में कोई बड़ा बदलाव किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा गलत है कि भारत ने रूस से तेल खरीदी बंद कर दी है.

रूस ने कहा कि ट्रंप आजाद भारत पर दबाव बना रहे

4 फरवरी 2026 को रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि ट्रंप स्वतंत्र देश जैसे भारत को व्यापार करने के लिए दबाव देने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि मॉस्को को कोई वजह नहीं दिखती कि उसके ‘भारतीय दोस्त’ ऊर्जा संबंधों में अचानक बदलाव लाएंगे. जखारोवा ने कहा कि रूस को भरोसा है कि भारत का रूसी हाइड्रोकार्बन (तेल और गैस) खरीदना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहती है. रूस भारत के साथ इस क्षेत्र में करीबी सहयोग जारी रखने के लिए तैयार है.

भारत ने तेल न खरीदने का बयान नहीं दिया

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी कहा कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए पूरी तरह आजाद है. उन्होंने बताया कि रूस जानता है कि भारत अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता है, इसलिए इसमें कुछ नया नहीं है. पेसकोव ने स्पष्ट किया कि रूस को भारत की तरफ से रूसी तेल खरीद बंद करने के बारे में कोई आधिकारिक बयान या संदेश नहीं मिला है.

यह टिप्पणियां ट्रंप के उस दावे के जवाब में आई हैं, जिसमें उन्होंने 2 फरवरी 2026 को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस से तेल खरीद बंद करने पर सहमति दी है. ट्रंप ने कहा था कि भारत अब वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा, जिससे रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म करने में मदद मिलेगी. ट्रंप ने दावा किया था कि समझौते से भारतीय आयात पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत हो गया है, जिसमें रूसी तेल पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत पेनाल्टी टैरिफ भी हटा दिया गया.

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी पुष्टि की कि रूसी तेल खरीद से जुड़ा अतिरिक्त टैरिफ हटा दिया गया है और भारत ने ऐसी खरीद बंद करने पर सहमति दी है. लेकिन भारत की तरफ से अब तक ट्रंप के इस तेल संबंधी दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सिर्फ टैरिफ कम होने की बात की थी और कहा था कि मेड इन इंडिया उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा.

रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप ने लगाया था पेनाल्टी टैरिफ

पिछले साल ट्रंप ने भारत के रूसी तेल आयात को लेकर टैरिफ दोगुना कर 50 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था. हाल के महीनों में भारत ने रूसी तेल आयात को पहले से कम किया है, लेकिन पूरी तरह बंद करने की कोई पुष्टि नहीं हुई है. रूस का कहना है कि भारत की ऊर्जा नीति उसकी अपनी है और कोई बाहरी दबाव इसे नहीं बदल सकता है.



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