मिडिल ईस्ट में जारी जंग से अब की दूसरे देश भी प्रभावित होने लगे हैं, जिसकी मुख्य वजह ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन का टूटना है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समझौता हो जाता है तो तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी. इस बीच ईरान ने कहा है कि अमेरिका की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है और तेहरान उनकी बात सुनने के लिए तैयार हो गया है.
अमेरिका की बात सुनने को तैयार हुआ ईरान
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सूत्र ने मंगलवार (24 मार्च 2026) को बताया कि अमेरिका-तेहरान के बीच संपर्क हुआ है और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए स्थायी प्रस्तावों को सुनने को तैयार है. सूत्र ने कहा, ‘हाल के दिनों में वाशिंगटन की पहल पर अमेरिका और ईरान के बीच संपर्क हुआ है, लेकिन अभी तक कोई भी बातचीत पूर्ण स्तर तक नहीं पहुंची है. अलग-अलग मध्यस्थों के जरिए मैसेज मिले हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समझौता हो सकता है या नहीं.’
परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान
ईरान इस बात की सभी जरूरी गारंटी देने के लिए तैयार है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन उसे न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के शांतिपूर्ण उपयोग का अधिकार है। सूत्र ने कहा कि किसी भी प्रस्ताव में ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को समाप्त करना भी शामिल होना चाहिए. सूत्रों के मुताबिक ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बैठक या सीधी बातचीत की मांग नहीं कर रहा है, लेकिन अगर कोई ऐसा समझौता संभव हो पाता है जिससे ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा हो सके तो वह सुनने को तैयार है.
ट्रंप ने ईरान के साथ सार्थक बात का दावा किया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार (21 मार्च 2025) को धमकी दी कि अगर 48 घंटों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से नहीं खोला गया तो यूएस ईरान के पावर प्लांट को नष्ट कर देगा. हालांकि इसके बाद 23 मार्च को ट्रंप ने अचानक उन हमलों पर पांच दिन का विराम लगा दिया और दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ सार्थक बात की है.
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