‘क्राइम ब्रांच के ऑफिस में CCTV नहीं, अवैध घोषित किया जाए…’, याचिकाकर्ता की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस


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दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने को लेकर दायर एक याचिका पर दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय से जवाब मांगा है. कोर्ट ने अधिकारियों को तीन हफ्ते के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है. यह याचिका अजय नाम के व्यक्ति ने दाखिल की है.

अजय का कहना है कि उसे ड्रग्स के एक मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली के क्राइम ब्रांच कार्यालय बुलाया गया था, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का आरोप है कि उसकी दुकान से करीब तीन किलो अल्प्राजोलम बरामद हुआ था.

सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का याचिकाकर्ता ने दिया हवाला

याचिकाकर्ता अजय का दावा है कि जिस एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स क्राइम ब्रांच कार्यालय में उसे गिरफ्तार किया गया, वहां CCTV कैमरे ही नहीं लगे थे. गिरफ्तारी के बाद उसने वहां के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने जवाब दिया कि उस कार्यालय में कोई CCTV कैमरा लगा ही नहीं है. इसके बाद अजय ने हाई कोर्ट का रुख किया और कहा कि यह मामला गंभीर है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि सभी पुलिस थानों और पूछताछ से जुड़े स्थानों पर CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य है.

अपीलकर्ता ने कोर्ट से की मांग

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के मुताबिक, अगर किसी समय CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हों या लगे न हों, तो उस दौरान की गई गिरफ्तारी और पूछताछ की जानकारी स्टेशन हाउस ऑफिसर को जिला स्तर की निगरानी समिति को देनी होती है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि न तो वहां CCTV कैमरे लगे थे और न ही उसकी गिरफ्तारी की कोई रिपोर्ट जिला स्तर की निगरानी समिति को भेजी गई.

इसलिए अजय ने कोर्ट से मांग की है कि उसकी गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ को अवैध घोषित किया जाए और पूरे मामले की जांच कराई जाए. दिल्ली हाई कोर्ट मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को करेगा.



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