‘खतरा मोल न लें’, केरल में दिमाग खाने वाले अमीबा के बढ़े मामले, शशि थरूर ने दी चेतावनी


कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार (21 सितंबर, 2025) को केरल में बढ़ते अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (Amoebic Meningoencephalitis / PAM) के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने केरल के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे फिलहाल ताजे पानी में तैराकी न करें.

केरल में इस साल की शुरुआत से अब तक प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के करीब 69 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 19 लोगों की मौत हो चुकी है. यह संक्रमण नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria Fowleri) नाम के एक अमीबा से फैलता है, जिसे आमतौर पर ‘ब्रेन-ईटिंग अमीबा’ यानी ‘दिमाग खाने वाला अमीबा’ कहा जाता है. 12 सितंबर तक राज्य में कुल 52 मामले दर्ज किए गए थे.

दुर्भाग्य से ताजे पानी में तैरना खतरनाक है- शशि थरूर

न्यूज एजेंसी एएनआई से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘यह बेहद दुखद स्थिति है. कई लोग ताजे पानी में तैराकी करने के बाद इस घातक वायरस का शिकार हो रहे हैं. यह बेहद खतरनाक लगता है. कुछ डॉक्टर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि जब तक कोई और समाधान नहीं मिलता, ताजे पानी में तैरने से बचें. मैं भी यही अपील करता हूं कि किसी तरह का खतरा मत मोल लें और ताजे पानी में मत जाएं.’

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जल स्रोत सुरक्षित हैं, लेकिन अनुपचारित प्राकृतिक जल निकायों में खतरा बना हुआ है. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह समस्या कुछ अमीबा के कारण है. मुझे लगता है कि समुद्र का पानी, सॉफ्ट वाटर सुरक्षित है. घर का पानी और स्विमिंग पूल में क्लोरीन युक्त पानी भी सुरक्षित है. लेकिन दुर्भाग्य से ताजे पानी में तैरना खतरनाक है.’

केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने हालात की दी जानकारी

वहीं, इस मामले को लेकर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने मंगलवार (16 सितंबर, 2025) को यह स्पष्ट किया कि 2025 में प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) के क्लस्टर मामले नहीं है, हालाकिं, पिछले साल 2024 में एक सामान्य जल स्रोत से जुड़े क्लस्टर पाए गए थे.

उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि इस साल PAM के अब तक 69 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और उनमें से 19 लोगों की मौत हो चुकी है.

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