ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनेई की मौत के बाद से ही पाकिस्तान में हालत बेकाबू हो रहे हैं और जगह-जगह अमेरिका के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हो रहा है. हिंसक प्रदर्शन की शुरुआत आज (1 मार्च) सुबह 10 बजे हुई जब कराची में स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट में 100 से ज्यादा शिया समुदाय के लोग घुस गए और पहले इन प्रदर्शनकारियों ने ईरान और आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का झंडा कॉन्सुलेट के गेट पर फहराया फिर आधे घंटे तक कॉन्सुलेट के भीतर उत्पात मचाते हुये तोड़फोड़ की और आगजनी की.
प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी, 14 की मौत
हालात इतनी बेकाबू थे कि कराची पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करनी पड़ी. जिसकी वजह से 14 प्रदर्शनकारियों की मौत भी हो गई. अमेरिकी कॉन्सुलेट में इतना बड़ा हमला पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है क्यूंकि प्रदर्शनकारी जिस जगह पर इकट्ठा हुए थे वो कॉन्सुलेट से 3 किलोमीटर दूर थी. फिर आगे बढ़ते हुए प्रदर्शनकारी कॉन्सुलेट की तरफ आगे बढ़े. इस दौरान एक भी पुलिसकर्मी इन्हें रास्ते में रोकने के लिए नहीं था.
ट्रैफिक पुलिस की इमारत को किया आग के हवाले
फायरिंग के बार तकरीबन 25 से ज़्यादा घायल प्रधानकारियों को जिन्ना अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है. कॉन्सुलेट के भीतर हिंसा के बाद प्रदर्शनकारी पास में ही मौजूद पाकिस्तानी ट्रैफिक की इमारत के पास पहुंचे और वहां पर भी ट्रैफिक पुलिस की इमारत को आग के हवाले कर दिया.
गिलगित बाल्टिस्तान में विरोध प्रदर्शन
हिंसक प्रदर्शन का कराची के अलावा दूसरा बड़ा केंद्र पाकिस्तान के कब्जे वाला गिलगित बाल्टिस्तान रहा. जहां स्कर्दू शहर में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के LoC की गतिविधि ट्रैक करने वाले UNMOGIP के दफ्तर में आग लगा दी, साथ ही आग की जद में आर्मी पब्लिक स्कूल और एसपी ऑफिस भी आया. एबीपी न्यूज़ के पास मौजूद तस्वीरों और वीडियो में संयुक्त राष्ट्र का दफ़्तर धूं-धूं करके जलता हुआ दिखा.
सेना की फायरिंग में 5 प्रदर्शनकारियों की मौत
इसी तरह पाकिस्तानी कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान के ही जोतियाल में सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी. जिसमें 5 प्रदर्शनकारी मारे गए. इस समय स्कर्दू शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है और बाहर निकलने पर गोली मारने का आदेश है. लाहौर में भी अमेरिका के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के लिए लोग अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर पहुंचे, हालांकि वहां पहले से मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कॉन्सुलेट में तो घुसने नहीं दिया, लेकिन अमेरिका की मौत के नारे वहां भी लगाए गए. कल (2 मार्च) फिर से पाकिस्तान के इस्लामाबाद, कराची, मुल्तान, पेशावर में शिया समुदाय के लोगो ने अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन का आवाहन किया है.