दावोस में विश्व आर्थिक मंच से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ईरान और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर टिप्पणी थी, जिसका तेहरान ने करारा जवाब दिया. जेलेंस्की ने ईरान की सत्ता से खामेनेई को बेदखल करने का आह्वान किया था. ईरानी विदेश मंत्री ने अब्बास अराघची एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यूक्रेन खुद संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देकर दुनिया से मदद मांगते हैं और खुद उसका समर्थन करते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हैं.
खामेनेई को लेकर जेलेंस्की की टिप्पणी
अब्बास अराघची ने दो टूक कहा कि ईरान अपनी रक्षा खुद के सैनिकों से करता है न कि भाड़े की सेनाओं से. दावोस में जेलेंस्की ने कहा, ‘ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े खूब हिंसा हई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर वैसी प्रतिक्रिया नहीं दी जैसी होनी चाहिए थी. अगर इस पर सख्त रुख नहीं अपनाया तो दुनियाभर के तानाशाहों को गलत संदेश जाएगा.’
भ्रष्ट जनरलों की जेबें भर रहे जेलेंस्की: ईरान
अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘जेलेंस्की अमेरिकी और यूरोप के टैक्सपेयर का पैसा लूटकर अपने भ्रष्ट जनरलों की जेबें भर रहे हैं. वे खुद पर किए जा रहे हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की दुहाई देते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वालों का समर्थन करते हैं. वे (जेलेंस्की) खुलेआम और बेशर्मी से उसी संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका के गैरकानूनी हमले का आह्वान कर रहे हैं.
.@ZelenskyyUa has been rinsing American and European taxpayers to fill the pockets of his corrupt generals and to confront what he calls an unlawful aggression in violation of the UN Charter.
At the same time, he openly and unashamedly calls for unlawful U.S. aggression against… pic.twitter.com/a8wWmXzWno
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) January 23, 2026
अब्बास अराघची ने जेलेंस्की को जोकर बताया
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, ‘दुनिया जेलेंस्की जैसे भ्रम फैलाने वाले जोकरों की बातों से अब तंग आ चुकी है. ईरान किसी विदेशी समर्थन या भाड़े की सेनाओं के सहारे नहीं चलता, बल्कि अपनी संप्रभुता की रक्षा खुद करता है.’
दावोस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच समझौता न हो पाने की वजह वही पुरानी समस्याएं हैं, जिनके कारण कई महीनों से बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है. ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की दोनों अब समझौते के लिए तैयार दिख रहे हैं, लेकिन उन्होंने किसी बड़ी सफलता की भविष्यवाणी नहीं की.