Tamil Nadu News: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में दो युवकों की पत्थरों से हत्या किए जाने की घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया है. इस मामले पर पीएमके (PMK) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सीधे DMK सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.
विवाद की शुरुआत तब हुई जब तिरुवल्लूर के वेंगत्थुर पंचायत के ओंडिक्कुप्पम इलाके में चार युवक गांजे के नशे में तेज गति से बाइक चला रहे थे. स्थानीय युवकों पार्थिबन, सुकुमार और केशवमूर्ति ने उनसे पूछा कि वे इतनी तेज बाइक क्यों चला रहे हैं और क्या वे नशे में हैं. इतनी-सी बात पर नशे में धुत चारों युवक भड़क गए. उन्होंने तीनों युवकों पर हमला कर दिया और पत्थरों से बुरी तरह पीटा. इस हमले में पार्थिबन और सुकुमार की मौके पर मृत्यु हो गई, जबकि केशवमूर्ति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं.
तमिलनाडु में गांजा खुलेआम बिक रहा है – रामदास का आरोप
अंबुमणि रामदास ने कहा कि इस घटना का असली कारण गांजे का बढ़ता नशा और उसकी राज्यभर में आसान उपलब्धता है. उनके अनुसार तिरुवल्लूर जिला तमिलनाडु का गांजा प्रवेश द्वार बन गया है. हाल ही में तिरुथनी रेलवे स्टेशन पर भी नशे में युवकों ने एक यात्री पर हमला कर दिया था. DMK सरकार के शासन में ड्रग्स और गांजा की बिक्री बिना रोक-टोक बढ़ी है.
रामदास ने आरोप लगाया कि नशा बेचने वालों को सत्ताधारी पार्टी नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है, जिसके कारण पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं करती. रामदास ने राज्य सरकार से मांग की.मृतकों के परिवारों को 50–50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. गंभीर रूप से घायल केशवमूर्ति को उत्तम इलाज और 10 लाख रुपये सहायता राशि दी जाए. आरोपियों को सख्त सजा दी जाए. पूरे तमिलनाडु में गांजा और अन्य नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जाए.
DMK सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए
अंत में अंबुमणि रामदास ने कहा कि नशा रोकने में सरकार की विफलता के कारण ही यह दोहरी हत्या हुई है और इसकी राजनीतिक तथा प्रशासनिक जिम्मेदारी राज्य सरकार को लेनी चाहिए.