पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से न्योता मिला है. बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान गाजा में शांति और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल रहेगा, जिससे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार फिलिस्तीन मुद्दे का स्थायी समाधान निकल सके.
इसके बाद ये माना जा रहा है कि अमेरिका के इस कदम से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि पाकिस्तान खुलेआम हमास का समर्थन करता है और शुरू से ही इजरायल का विरोध करता आया है. पाकिस्तान के अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को भी गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. इसकी जानकारी दोनों ही देशों की ओर से दी गई है. बता दें कि ये बोर्ड गाजा के अस्थायी शासन की देखरेख करेगा.
तुर्की और मिस्त्र ने क्या कहा
तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि उन्हें ट्रंप से एक पत्र मिला है, जिसमें एर्दोगन को पैनल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. मिस्र के विदेश मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ट्रंप के निमंत्रण की समीक्षा की जा रही है.
पैनल में कौन-कौन शामिल
व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार को कहा गया कि ट्रंप की गाजा शांति योजना को लागू करने के लिए एक कार्यकारी पैनल बनाया गया है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान शामिल हैं. ये पैनल शासन और क्षेत्रीय कूटनीति से लेकर पुनर्निर्माण के लिए फंड और निवेश जुटाने तक के पोर्टफोलियो की देखरेख करेगा.
व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक व्यापक ‘बोर्ड ऑफ पीस’ रणनीतिक देखरेख प्रदान करेगा और गाजा के संघर्ष से विकास की ओर ट्रांजिशन के दौरान जवाबदेही सुनिश्चित करेगा. अमेरिका ने एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात करने और बदलाव के तहत गाजा में शासन, सुरक्षा और पुनर्निर्माण प्रयासों के समन्वय के लिए एक उच्च प्रतिनिधि नियुक्त करने की योजना बनाई है.
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