Middle East Tensions: चीन और पाकिस्तान ने मंगलवार को वेस्ट एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए पांच सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया, जिसमें Strait of Hormuz से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया. यह प्रस्ताव चीन के विदेश मंत्री Wang Yi और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री Ishaq Dar के बीच ईरान की स्थिति पर हुई चर्चा के बाद सामने आया.
शांति प्रस्ताव जारी
दोनों देशों ने संयुक्त रूप से तत्काल संघर्ष विराम, जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करने, गैर-सैन्य लक्ष्यों की सुरक्षा, नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और United Nations चार्टर के सम्मान जैसे प्रस्ताव रखे. संयुक्त बयान में कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए यहां सामान्य आवागमन जल्द बहाल होना जरूरी है.
चीन और पाकिस्तान ने सभी पक्षों से अपील की कि जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और नागरिक एवं वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाए. इस बीच, चीन ने यह भी बताया कि उसके तीन तेल टैंकर हाल ही में इस मार्ग को पार कर चुके हैं, जिसके लिए उसने संबंधित पक्षों के सहयोग पर आभार जताया.
खाड़ी देशों में शांति की मांग
गौरतलब है कि वर्तमान में ईरान इस रणनीतिक मार्ग Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है और अपनी संप्रभुता की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग कर रहा है. वहीं, China लगातार United States और Israel के साथ जारी तनाव के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की अपील कर रहा है.
गौरतलब है कि 28 मार्च को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर पहली बार हमले किए गए थे, जिसके बाद ईरान की शीर्ष नेतृत्व संरचना को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं. इस बीच, Donald Trump लगातार यह दावा कर रहे हैं कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन ईरान की ओर से किए जा रहे जवाबी हमलों ने अमेरिका और इजरायल दोनों को चौंका दिया है, जिससे हालात और अधिक जटिल होते जा रहे हैं.