‘चुप रहने से खतरा कम नहीं होता’, डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर दुनिया को ईरान की नसीहत, कहा- एक दिन सबका नंबर आएगा


ईरान में जारी देशव्यापी आंदोलन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में जंग की आहट सुनाई देने लगी है. ट्रंप बार-बार ईरान में सैन्य एक्शन की धमकी दे रहे हैं तो वहीं तेहरान ने अमेरिका की मदद करने वाले पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन हमला करता है तो वह मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा. इस बीच भारत में मौजद ईरानी दूतावास ने कहा कि अमेरिका टैरिफ और अन्य मामलों में लगातार नियमों को तोड़ रहा है. 

चुप रहने से खतरा कम नहीं होता: ईरान

ईरानी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका के लगातार नियमों को तोड़ने पर देशों की चुप्पी से खतरा कम नहीं होता, बल्कि और बढ़ता है. ईरानी एंबेसी ने कहा, ‘मौजूदा ग्लोबल ऑर्डर के खिलाफ अमेरिका ने कई एकतरफा कर्रवाई की है, जिसमें गलत टैरिफ लगाना और 66 इंटरनेशनल संस्थानों से पीछे हटना शामिल है. अमेरिका ने ऐसा करके दुनिया को ग्लोबल नियमों के टूटने की ओर धकेला है. देशों की चुप्पी और निष्क्रियता इन खतरों को कम नहीं करतीं, बल्कि उन्हें और बढ़ा देती हैं.  ये नीतियां देर-सवेर सभी देशों को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे, चाहे उनका आकार या इकोनॉमिक पावर कुछ भी हो.’

भारत और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हुई बात

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की और उस देश तथा उसके आसपास की बदलती परिस्थिति पर चर्चा की. बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ‘ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया. हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की.’

हमारी सड़कों पर खून बह रहा: अब्बास अराघची

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘इजरायल हमेशा से अमेरिका को अपने पक्ष में युद्धों में घसीटने की कोशिश करता रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस बार वे अपनी दबी हुई बात खुलकर कह रहे हैं. हमारी सड़कों पर खून बह रहा है और इजरायल खुलेआम यह दावा कर रहा है कि उसने प्रदर्शनकारियों को असली हथियार दिए और यही सैकड़ों लोगों की मौत का कारण है. राष्ट्रपति ट्रंप को अब यह अच्छी तरह पता होना चाहिए कि हत्याओं को रोकने के लिए उन्हें कहां जाना चाहिए.’

भारत ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा

भारत ने बुधवार (14 जनवरी 2026) को ईरान में रह रहे अपने सभी नागरिकों से उपलब्ध साधनों के जरिये उस देश से निकलने और वहां की यात्रा से बचने को कहा है. ईरान में भारतीय दूतावास ने एक नया परामर्श जारी करते हुए बदलते हालात के मद्देनजर छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों समेत वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को कॉमर्शियल फ्लाइट सहित परिवहन के उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करके देश छोड़ने को कहा है. 

दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचने और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा है. भारतीय नागरिकों से पासपोर्ट सहित अपने यात्रा और आव्रजन दस्तावेजों को तैयार रखने का भी आग्रह किया गया. ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीयों को भी दूतावास में पंजीकरण कराने की सलाह दी गई.

कतर एयरबेस से सेना हटा रहा अमेरिका

अमेरिका ने कतर में अपने सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने अल-उदीद एयर बेस से अपने कुछ सैनिकों और कर्मचारियों को हटाना शुरू कर दिया. ईरान ने चेतावनी दी है कि कहा अगर अमेरिका हमला करेगा तो यूएई, सऊदी अरब, तुर्किए और कतर जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को वे निशाना बनाएंगे.





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *