बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार आने के बाद से ढाका और नई दिल्ली के रिश्ते पटरी पर लौटते नजर आ रहे हैं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को बांग्लादेश के हाई कमिश्नर से मुलाकात की.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर रियाज़ हमीदुल्लाह से मुलाकात हुई. हमारी बातचीत हमारे आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित थी.
खलीलुर रहमान को भारत आने का निमंत्रण
एस जयशंकर ने कुछ दिनों पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया. एक बयान में बताया गया कि भारतीय हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा ने अपनी सरकार की ओर से द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए बांग्लादेश की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है.
Met with High Commissioner @hamidullah_riaz of Bangladesh.
Our conversation was focused on advancing our bilateral ties.
🇮🇳 🇧🇩 pic.twitter.com/uhc6JnoGHh
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 20, 2026
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने भी कहा था कि आपसी हितों के आधार पर दोनों देशों के लोगों को भलाई के लिए भविष्य की सोच वाली और संतुलित साझेदारी बनाने पर जोर दिया जाएगा. बता दें कि दोनों ही देश रिश्ते सुधारने को लेकर अहम कदम उठा रहे हैं. दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए रेगुलर और कंस्ट्रक्टिव बातचीत बनाए रखने पर सहमत हुए हैं.
दोनों देश रिश्ते सुधारने को लेकर प्रयासरत
इससे कुछ दिनों पहले ढाका में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात की थी. तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद प्रणय वर्मा ने बांग्लादेशी विदेश मत्री के साथ पहली बैठक की. भारतीय राजदूत ने ढाका में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत आपसी हितों और फायदे के आधार पर एक सकारात्मक, रचनात्मक और आगे की सोच वाले नजरिए के साथ सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है.
बता दें कि 13 फरवरी को बांग्लादेश में चुनाव के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई संदेश भेजा था. उसी दिन बाद में दोनों की फोन पर बातचीत हुई थी. तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में 17 फरवरी को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भारत सरकार की ओर से हिस्सा लिया था.
ये भी पढ़ें
किस मामले में ED ने 5 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति की जब्त, दिल्ली और पंजाब का है कनेक्शन