‘जब शिंदे CM और फडणवीस डिप्टी सीएम थे, तब…’, महाराष्ट्र में क्या बोले अमित शाह?



महाराष्ट्र के एक दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (05 अक्टूबर, 2025) को शिरडी स्थित साईंबाबा मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने अहिल्यानगर जिले में एक कार्यक्रम को सम्बोधित किया. अमित शाह ने कहा, ‘एकनाथ शिंदे और अजित पवार के नेतृत्व में, महाराष्ट्र के सभी मंत्री और सांसद, पद्मश्री पाटिल और पद्म विभूषण बालासाहेब विखे पाटिल के साथ, उनके योगदान को याद करने के लिए एकत्र हुए हैं.’

गृह मंत्री ने कहा, ‘मुझे इस क्षेत्र में आकर खुशी हो रही है, जो अब अहिल्या बाई के नाम से जुड़ गया है. जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे और देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री थे तो भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने औरंगाबाद का नाम बदलकर अहिल्या बाई के नाम पर रखा था. ऐसे फैसले केवल वही लोग ले सकते हैं जो छत्रपति के अनुयायी हैं. जो औरंगजेब की धारा आगे बढ़ाते हैं, उनमें इतनी हिम्मत नहीं है कि औरंगाबाद का नाम बदल दें.’

‘किसानों के कल्याण के लिए पद्मश्री विजय पाटिल साहब का योगदान’

उन्होंने कहा, ‘आज मैं भ्रवरा नगर में आया हूं, जो पूरे देश में सहकारिता पटरी के रूप में जाना जाता है. पद्मश्री विजय पाटिल साहब ने पूरा जीवन इस क्षेत्र के किसानों के कल्याण के लिए लगाया है.’ शाह ने सहकारिता आंदोलन की एक प्रमुख हस्ती विट्ठलराव विखे पाटिल और उनके बेटे तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया.

 

किसानों की स्थिति को लेकर बोले अमित शाह

अमित शाह ने कहा, ‘महाराष्ट्र के किसानों पर इस बार इंद्रदेव ने आफत भेजी, 60 लाख हेक्टेयर से ज्यादा किसानों की भूमि और उनकी फसल बर्बाद हुई. वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र ने 3,132 करोड़ रुपए महाराष्ट्र सरकार को दिया, जिसमें 1631 करोड़ रुपए अप्रैल महीने में देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया.

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की मदद के लिए कई पहल शुरू की और राहत पैकज दिया. उन्होंने राज्य के किसानों के लिए केंद्रीय सहायता हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार की सराहना की.

महाराष्ट्र सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद

गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की परेशानी कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को 10,000 रुपये की नकद सहायता और 35 किलोग्राम अनाज उपलब्ध कराया है. ऋण वसूली रोक दी गई है, ई-केवाईसी मानदंडों में एक बार के लिए ढील दी गई है और राजस्व कर और स्कूल फीस में राहत दी गई है.’

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