जापान में फिर भयानक भूकंप, 6.7 की तीव्रता के बाद सुनामी का अलर्ट; हजारों घर कराए गए खाली


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जापान में एक बार फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. जापान में रविवार शाम पांच बजकर तीन मिनट पर 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद इवाते प्रांत में सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है.

जापानी मीडिया के अनुसार, रविवार शाम को तट पर आए 6.7 तीव्रता के भूकंप के बाद इवाते में सुनामी की चेतावनी जारी की गई.

2800 से ज्यादा घरों को कराया गया खाली

जानकारी के अनुसार, इवाते प्रांत के ओफुनाटो शहर में तटीय क्षेत्रों के 2,825 घरों को खाली करने का आदेश दिया गया है. इसके साथ ही इन घरों में रहने वाले 6,138 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश जारी किया है.

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, शाम 5:39 बजे इवाते के ओफुनाटो बंदरगाह में 10 सेंटीमीटर की सुनामी देखी गई. शाम 5:12 बजे इवाते के तट से 70 किलोमीटर दूर एक कमजोर सुनामी देखी गई.

एक मीटर तक लहरों की आशंका

जापान में सुनामी संबंधी चेतावनी में 1 मीटर तक की लहरों की आशंका है. वहीं मोरियोका शहर और इवाते के याहाबा कस्बे के साथ-साथ पड़ोसी मियागी प्रान्त के वाकुया कस्बे में इस भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई.

पूर्वी जापान रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तोहोकू शिंकानसेन में कुछ समय के लिए बिजली नहीं रहेगी. इसकी वजह से सेंडाइ और शिन-आओमोरी स्टेशनों के बीच परिचालन स्थगित कर दिया गया है. इससे पहले 5 अक्टूबर को जापान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 मापी गई थी. इसका केंद्र जमीन के अंदर 50 किलोमीटर की गहराई में था.

साल 2011 में आया था 9.0 तीव्रता का भूकंप

यह इलाका साल 2011 की भीषण समुद्री आपदा की यादों से अभी भी उबर नहीं पाया है. उस समय जापान के इस इलाके में 9.0 की जोरदार तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने विशाल सुनामी को जन्म दिया था. उस भयानक प्राकृतिक आपदा में करीब 18,500 लोग मारे गए और लापता हो गए थे.

जापान में आया वही आपदा फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट में तीन रिएक्टरों के मेल्टडाउन का कारण भी बना था, जो जापान की सबसे बड़ी युद्ध के बाद की त्रासदी और चेर्नोबिल के बाद दुनिया की सबसे भयंकर परमाणु दुर्घटना थी.

रिंग ऑफ फायर के पश्चिमी तट पर स्थित जापान

जापान धरती के चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है, जो प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर के पश्चिमी किनारे पर है और जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों में से एक है. जापान एक द्वीपीय देश है, जहां हर साल 1,500 से ज्यादा भूकंप के तीव्र और जोरदार झटके महसूस किए जाते हैं. इनसे से ज्यादातर भूकंप के झटके हल्के होते हैं, हालांकि नुकसान की गंभीरता भूकंप के केंद्र और उसकी गहराई पर निर्भर करती है.

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