‘जैसे सूरज उगता है…’, ऑपरेशन सिंदूर पर सनसनीखेज दावा, टॉम कूपर ने बताया पाकिस्तान की न्यूक्लियर साइट पर क्या हुआ


मई 2025 में चले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्या भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर हमला किया था? यह सवाल पिछले कई महीनों से चर्चा में है, लेकिन जवाब स्पष्ट नहीं मिला. अब दुनिया के जाने-माने एयरक्राफ्ट हिस्टोरियन और मिलिट्री एनालिस्ट टॉम कूपर ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि हां, ऐसा हुआ था. उन्होंने कहा कि सबूत इतने साफ हैं कि यह ‘पूरब में सूरज उगने जैसा है.’ कूपर का मानना है कि इस हमले ने पाकिस्तान को युद्धविराम की गुहार लगाने पर मजबूर कर दिया.

टॉम कूपर का सबसे बड़ा दावा किराना हिल्स पर हमला

टॉम कूपर एरियल वॉरफेयर के सबसे विश्वसनीय विशेषज्ञों में से एक हैं. उन्होंने सालों से दुनिया भर के हवाई संघर्षों का विश्लेषण किया है. ऑपरेशन सिंदूर पर उनकी बातों में एक बात बार-बार आती है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की मिसाइलों, ड्रोनों और प्रोजेक्टाइल को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया. लेकिन सबसे बड़ा दावा किराना हिल्स पर है.

आखिर ये किराना हिल्स चीज क्या है?

किराना हिल्स सरगोधा के पास पाकिस्तान का एक संवेदनशील इलाका है. यहां पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के मुख्य भंडारण की सुविधाएं मानी जाती हैं. यह जगह पहले भी परमाणु परीक्षणों यानी सबक्रिटिकल या कोल्ड टेस्ट से जुड़ी रही है. सैटेलाइट इमेजेस और अमेरिकी रिपोर्ट्स में यहां 40 से ज्यादा हार्डन्ड शेल्टर्स, भूमिगत सुविधाएं, गोला-बारूद डिपो और F-16 स्क्वाड्रन के लिए रखरखाव सेंटर दिखते हैं. कूपर कहते हैं कि यह ‘डिज्नीलैंड नहीं है’. यह पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का कोर हिस्सा है.

अब कूपर का हमले पर क्या दावा है?

कूपर के मुताबिक, 10 मई 2025 की अल-सुबह भारतीय वायुसेना ने किराना हिल्स पर प्रेसिजन स्ट्राइक की. पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर आए जियो-लोकेटेड वीडियो में मिसाइलें हिल्स पर गिरती दिख रही हैं, रडार स्टेशन (4091st स्क्वाड्रन) पर धुआं उठता है. उन्होंने कहा कि पहले रडार को निष्क्रिय किया गया, फिर भूमिगत सुविधाओं के दो मुख्य प्रवेश द्वारों पर हमला हुआ. हथियारों में Su-30 से ब्रह्मोस और रैंपेज, जैगुआर से रैंपेज और राफेल से स्कैल्प मिसाइल गिराई गईं थीं.

कूपर ने कहा, ‘यह हमला बहुत सोचा-समझा था. इसका मकसद ज्यादा नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि एक साफ संदेश देना था कि ‘हम तुम्हें कहीं भी, कभी भी हिट कर सकते हैं. अब रुक जाओ.’ उन्होंने दावा किया कि इस हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान ने डिप्लोमैटिक चैनलों से अमेरिका और भारत से युद्धविराम की मांग की. ‘पाकिस्तान तब खत्म हो चुका था.’

भारतीय पक्ष क्या कहता है?

भारतीय वायुसेना ने बार-बार किराना हिल्स पर हमले से इनकार किया है. वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा था कि ऑपरेशन में सिर्फ आतंकी और मिलिट्री टारगेट्स को निशाना बनाया गया, न्यूक्लियर साइट नहीं. डायरेक्टर जनरल ऑफ एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने भी कहा, ‘हमने किराना हिल्स नहीं मारा और हमें नहीं पता था कि वहां न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन है.’

तो फिर कूपर का दावा महत्वपूर्ण क्यों है?

ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी. भारत ने 7 से 10 मई तक पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. कूपर का दावा है कि किराना हिल्स पर हमला हुआ, यह दिखाता है कि भारत ने सिर्फ आतंकवादियों को नहीं, बल्कि पाकिस्तान की स्ट्रेटेजिक क्षमता को भी टारगेट किया, बिना न्यूक्लियर एस्केलेशन के.

यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. कूपर कहते हैं कि सबूत वीडियो, सैटेलाइट और उनके व्यक्तिगत सोर्स से हैं. लेकिन भारतीय पक्ष का इनकार भी मजबूत है. ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की मिलिट्री ताकत दिखाई, और किराना हिल्स वाला दावा इसे और ज्यादा चर्चित बना रहा है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *