टैरिफ वाली टेंशन के बीच अमेरिका के दौरे पर जाएंगे पीयूष गोयल, व्यापार के मुद्दे पर करेंगे बातचीत


केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में सोमवार (22 सितंबर, 2025) को एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका की यात्रा पर जाएगी. इस प्रतिनिधिमंडल के अमेरिकी यात्रा का उद्देश्य उच्च स्तरीय व्यापार वार्ताओं में शामिल होना होगा.

भारत सरकार की ओर से शनिवार (20 सितंबर, 2025) को पीयूष गोयल की अमेरिकी यात्रा को लेकर एक अधिकारिक बयान जारी किया गया है. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना और विशेषकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए नए टैरिफ से जुड़े अहम व्यापारिक मुद्दों को सुलझाना है.

भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों के बीच हुई थी बैठक

भारत और अमेरिका के संबंधों में यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में हुए सकारात्मक कूटनीतिक आदान-प्रदान के बाद नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत में  नई गति आई है. पिछले बुधवार (17 सितंबर, 2025) को अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच और उनके भारतीय समकक्ष राजेश अग्रवाल ने नई दिल्ली में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर दिनभर चर्चा की थी.

बैठक के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने जारी किया था बयान

इस बैठक के बाद केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘अमेरिका की टीम के साथ हुई बातचीत काफी सकारात्मक रही और दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि समझौते को जल्द से जल्द और परस्पर लाभकारी तरीके से अंतिम रूप दिया जाए.

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वार्ता

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए व्यापक पारस्परिक टैरिफ को लेकर बातचीत में जुटे हैं. ट्रंप ने पिछले महीने अगस्त में भारत पर व्यापक रूप से टैरिफ लगाया दिया था.

अमेरिका ने सबसे पहले 7 अगस्त से भारत पर 25 परसेंट टैरिफ लागू किया. इसके बाद 27 अगस्त को रूसी तेल खरीदने के लिए सजा के तौर पर दोबारा अतिरिक्त 25 परसेंट टैरिफ लगाया गया. जिसे मिलाकर भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50 परसेंट हो गया. हालांकि, अगस्त महीने में वाशिंगटन की बयानबाजी काफी कड़ी रही थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में कूटनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव देखा गया है.

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