इंटरनेट पर बांग्लादेश में पनपे उग्र हिंसक प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें बांग्लादेश में हिंदू शख्स दीपू चंद्र दास है. यह वही शख्स है, जिसकी उग्र भीड़ ने पीट पीटकर हत्या कर दी थी और पेड़ से बांधकर आग के हवाले कर दिया था. वीडियो में नजर आ रहा है कि मृतक दीपू वर्दी पहने एक शख्स से बात कर रहा है.
वीडियो में दीपू नीले रंग की फुल स्लीव स्वेटशर्ट और ट्राउजर पहने है. वह अपनी बात समझाने की कोशिश कर रहा है. घटना ढाका के मयमनसिंह की है. इसी जगह पर भारत विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसक प्रदर्शन भड़के थे. अब पूरे मामले पर बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने मोहम्मद यूनुस सरकार पर निशाना साधा है और इस पूरे घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर साझा किया है.
People across the country cried for jihadi Hadi. No one even turned to look at the innocent, poor Hindu youth who was beaten and burned to death by a gang of jihadis. The sound of Dipu Chandra Das’s family’s cries did not reach anyone’s ears.
Mr. Yunus, wearing a cap on his…
— taslima nasreen (@taslimanasreen) December 21, 2025
‘किसी ने गरीब हिंदू लड़के की तरफ नहीं देखा’
तसलीमा नसरीन ने कहा कि पूरे देश में जिहादी हादी के लिए लोग रो रहे हैं. किसी ने भी उस मासूम गरीब हिंदू लड़के की तरफ नहीं देखा, जिसे जिहादियों की एक गैंग ने पीट-पीटकर और जलाकर मार डाला था. दीपू चंद्र दास के परिवार की चीखें किसी के पास नहीं पहुंची.
‘यूनुस उस जिहादी के जनाजे में खूब रोए’
उन्होंने कहा कि सिर पर टोपी पहने मिस्टर यूनुस जिहादी के जनाजे में गए. जोर-जोर से रोए. लेकिन उन्होंने दीपू की भयानक हत्या पर एक शब्द भी नहीं कहा है. जब बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं की खबर विदेशी मीडिया में फैली, तो यूनुस सरकार ने तुरंत पुलिस को कुछ अपराधियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. ये सिर्फ दिखावे के लिए की गई कार्रवाई है. पुलिस ने दस लोगों को पकड़ा, और उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई.
‘उन दस लोगों का क्या होगा, सभी जानते हैं’
उन्होंने कहा कि यूनुस अच्छी तरह जानते हैं कि उन दस लोगों का क्या होता है. इस पर कोई नजर नहीं रखेगा. अपराधियों को मासूम बताकर चुपचाप रिहा कर दिया जाएगा. क्या इस देश में किसी हिंदू को मारने के लिए कभी किसी मुसलमान को सजा मिली है?