अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर पाकिस्तान बहुत खुश है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम लिया है. पाकिस्तान सीजफायर करवाने का क्रेडिट ले रहा है, लेकिन इस बीच पाकिस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट और राजनीतिक विशलेषक नजम सेठी का एक वीडिया वायरल हो रहा है. वीडियो में वह साफ कह रहे हैं कि अमेरिका जो कुछ भी कर रहा है, उसकी कीमत पाकिस्तान को चुकानी होगी.
नजम सेठी ने यह भी कहा कि अयूब खान, जिया उल हक और परवेज मुशर्रफ को भी अमेरिका ने ऐसे ही गले लगाया था, जैसे आसिम मुनीर को ट्रंप तवज्जो दे रहे हैं. नजम सेठी ने यह कमेंट पिछले साल जुलाई में ट्रंप के साथ आसिम मुनीर के लंच पर किया था.
नजम सेठी ने इस पर कहा था, ‘कोई फ्री लंच नहीं होता है, खासतौर पर अमेरिका के साथ. अमेरिकन कल्चर में फ्री लंच है ही नहीं. इसका हमेशा यही मतलब होता है कि- तुम मेरे कर्जदार हो, मैं कर्ज चुका रहा हूं. ये आपकी नौकरी है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं देख रहा हूं कि पाकिस्तान में खुशियां मनाई जा रही हैं कि वाह-वाह अच्छा वक्त आने वाला है. जैसे अमेरिका ने अयूब खान को सपोर्ट किया था, जिया उल हक को सपोर्ट किया था, परवेज मुशर्रफ को सपोर्ट किया था’
नजम सेठी ने कहा कि अभी भी 2030 की बातें होनी शुरू हो गई हैं कि 2030 में पाकिस्तान यहां होगा, वहां होगा और मैं यहीं होऊंगा कि इस सबको आगे ले जाऊं. उन्होंने कहा, ‘मैं ये समझता हूं कि ये उसी तरह का माहौल बन रहा है या बन चुका है, मगर हमेशा मेरी कोशिश है कि मैं इनको याद दिला दूं कि हेनरी किसींजर ने क्या कहा था. उन्होंने कहा था- अमेरिका के साथ दोस्ती करना बड़ी खतरनाक बात है, लेकिन दुश्मनी करना उससे भी खतरनाक बात है या दुश्मनी करना खतरनाक बात है और दोस्ती करना तो और भी खतरनाक बात है. बात ये है कि अमेरिका की दोस्ती वोस्ती कुछ नहीं होती. अयूब खान जब 1960 के मध्य में वह फील्ड मार्शल थे और उन्हें कांग्रेस के अंदर स्टैंडिंग ओवेशन मिली थी और उन्होंने बात किताब लिखी थी- फ्रेंड्स नोट मास्टर्स.’
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